चेन्नई. भारतीय क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी रविवार को अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर का 100वां मुकाबला खेलने के लिए मैदान में उतरेंगे. दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए शमी यह खास उपलब्धि हासिल करेंगे.
इस महत्वपूर्ण पड़ाव से पहले क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने शमी को बधाई देते हुए उनके लंबे क्रिकेट सफर, निरंतर प्रदर्शन और टेस्ट क्रिकेट में योगदान की जमकर सराहना की है. गांगुली ने कहा कि उपमहाद्वीप के किसी तेज गेंदबाज के लिए 100 प्रथम श्रेणी मैच खेलना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है. उन्होंने उम्मीद जताई कि शमी दलीप ट्रॉफी का फाइनल जीतकर इस उपलब्धि को और यादगार बनाएंगे.
100 प्रथम श्रेणी मैच पूरे करने की दहलीज पर शमी
मोहम्मद शमी के नाम फिलहाल 99 प्रथम श्रेणी मैच दर्ज हैं. रविवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच होने वाले दलीप ट्रॉफी फाइनल में उतरते ही उनके प्रथम श्रेणी मैचों की संख्या 100 हो जाएगी. शमी ने अपने प्रथम श्रेणी करियर में अब तक 382 विकेट हासिल किए हैं. उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 8 विकेट पर 90 रन रहा है.
शमी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि तेज गेंदबाजों के लिए लंबे समय तक प्रथम श्रेणी और टेस्ट क्रिकेट में लगातार खेलना आसान नहीं होता. तेज गेंदबाजों पर शारीरिक दबाव अधिक रहता है और चोट के कारण उनके करियर पर कई बार विराम भी लग सकता है. इसके बावजूद शमी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक अपनी उपयोगिता साबित की है.
गांगुली ने वीडियो संदेश में की शमी की तारीफ
शमी के 100वें प्रथम श्रेणी मैच से पहले सौरव गांगुली ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल की ओर से जारी वीडियो संदेश में उन्हें बधाई दी. गांगुली ने कहा कि उन्होंने शमी के करियर के शुरुआती दौर को करीब से देखा है और उनके साथ क्रिकेट भी खेला है. उन्होंने कहा कि जब शमी अपने करियर के शुरुआती चरण में थे, उस समय गांगुली उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के अंतिम दौर में थे.
गांगुली ने शमी की प्रतिभा को शुरुआती दौर में ही पहचानने की बात कहते हुए कहा कि वह हमेशा जानते थे कि शमी के अंदर प्रतिभा है. हालांकि, उनके लिए सबसे खुशी की बात यह है कि शमी ने अपनी प्रतिभा का सही इस्तेमाल करते हुए अपने करियर को इस मुकाम तक पहुंचाया.
गांगुली ने शमी को संबोधित करते हुए कहा कि 100 प्रथम श्रेणी मैच पूरे करना शानदार उपलब्धि है और उपमहाद्वीप के एक तेज गेंदबाज के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है.
टेस्ट क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन की सराहना
सौरव गांगुली ने शमी के टेस्ट क्रिकेट में योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि जब कई तेज गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट खेलने से पीछे हटते हैं, उस समय शमी ने भारत के लिए लगातार टेस्ट क्रिकेट में अपनी जिम्मेदारी निभाई.
गांगुली के मुताबिक, शमी का वर्षों से प्रदर्शन शानदार रहा है और टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है. उन्होंने शमी की निरंतरता और कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए योगदान देने की क्षमता की भी सराहना की.
शमी का क्रिकेट करियर तेज गेंदबाजी में उनकी लंबी निरंतरता का उदाहरण माना जाता है. घरेलू क्रिकेट से अपनी पहचान बनाने के बाद उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई और टेस्ट क्रिकेट में अपनी गेंदबाजी से अलग पहचान कायम की. समय के साथ उनकी गेंदबाजी में अनुभव और नियंत्रण बढ़ता गया, जिसका असर उनके प्रथम श्रेणी आंकड़ों में भी दिखाई देता है.
दलीप ट्रॉफी फाइनल में उपलब्धि को यादगार बनाने का मौका
शमी रविवार को ईस्ट जोन की ओर से साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल में मैदान पर उतरेंगे. मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा. 100वां प्रथम श्रेणी मैच खेलने के साथ ही शमी के पास अपनी टीम को खिताब दिलाने का भी मौका होगा.
गांगुली ने कहा कि यदि शमी की टीम दलीप ट्रॉफी का फाइनल जीतती है तो यह उनके 100वें मैच की उपलब्धि पर ‘सोने पर सुहागा’ जैसा होगा. उन्होंने शमी को मैच के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शमी जल्द ही उनसे मिलेंगे.
ईस्ट जोन ने टूर्नामेंट में मौजूदा चैंपियन सेंट्रल जोन को हराकर फाइनल में जगह बनाई है. इस अभियान में शमी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने दो पारियों में कुल पांच विकेट हासिल किए हैं.
दलीप ट्रॉफी में भी दिखा शमी का अनुभव
जारी दलीप ट्रॉफी में शमी ने अब तक पांच विकेट लिए हैं. उनका गेंदबाजी औसत 28.80 रहा है, जबकि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3 विकेट पर 56 रन है. सेंट्रल जोन के खिलाफ मुकाबले में उनके अनुभव का ईस्ट जोन को फायदा मिला और टीम ने मौजूदा चैंपियन को हराकर फाइनल में प्रवेश किया.
शमी का प्रदर्शन भले ही आंकड़ों के लिहाज से बहुत बड़ा नजर न आए, लेकिन उनकी मौजूदगी ने ईस्ट जोन के गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव दिया है. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लंबे समय तक खेलने के कारण शमी को अलग-अलग परिस्थितियों में गेंदबाजी करने का व्यापक अनुभव है. यही अनुभव दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट में भी उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है.
राष्ट्रीय टीम में वापसी की कोशिश जारी
शमी फिलहाल राष्ट्रीय टीम के सेटअप से बाहर हैं और घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट के जरिए अपनी फिटनेस और लय को मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं. उनका लक्ष्य पूरी तरह फिट होकर दोबारा भारतीय टीम में वापसी के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना है.
घरेलू क्रिकेट में उनकी मौजूदगी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार खेलना शमी को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की लय में बनाए रखने के साथ-साथ अपनी गेंदबाजी की धार को भी परखने का अवसर देता है.
100वें प्रथम श्रेणी मैच के साथ शमी के करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है. 382 विकेट और लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ यह मुकाम उनके घरेलू क्रिकेट में योगदान को भी रेखांकित करता है.
सौरव गांगुली की बधाई ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है. गांगुली ने शमी के करियर की यात्रा को नजदीक से देखा है और उनके शुरुआती दौर से लेकर वर्तमान समय तक के सफर को याद करते हुए उनकी प्रतिभा और निरंतरता की प्रशंसा की है. अब शमी के सामने चेन्नई में 100वें प्रथम श्रेणी मैच को यादगार बनाने का अवसर है. यदि ईस्ट जोन फाइनल में जीत दर्ज करता है तो शमी के लिए यह व्यक्तिगत उपलब्धि और टीम की सफलता, दोनों के लिहाज से एक यादगार दिन बन सकता है.