भारत ने जिम्बावे के खिलाफ तीन मैचों की महिला वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। भारत ने रविवार को वडोदरा में आयोजित दूसरे वनडे में 121 रनों से विजयी परचम फहराया। हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और प्रतिका रावल की शानदार बैटिंग के दम पर भारत ने 328/6 का विशाल स्कोर खड़ा किया।
टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। कप्तान स्मृति मंधाना का खाता नहीं खुला जबकि शैफाली वर्मा आठ रन बनाकर पवेलियन लौटीं। भारत के 19 रन पर दो विकेट गिरने के बाद अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत ने मोर्चा संभाला। उन्होंने 121 गेंदों में 126 रनों की पारी खेली, जिसमें 15 चौके शामिल हैं। उन्होंने प्रतिका रावल (67 गेंदों में 61) के साथ तीसरे विकेट के लिए 124 और दीप्ति शर्मा (86 गेंदों में नाबाद 106) के संग पांचवें विकेट के लिए 153 रनों की साझेदारी की। मंधाना ने खराब शुरुआत के बाद भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाने का क्रेडिट हरमनप्रीत के साथ-साथ प्रतिका और दीप्ति को भी दिया। 37 वर्षीय हरमनप्रीत प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं।
‘मैच में सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू…’
मंधाना को इसी महीने की शुरुआत में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। उन्हें हरमनप्रीत की जगह कप्तानी सौंपी गई। मंधाना के नियमित कप्तान बनने के बाद भारतीय टीम में उनके नेतृत्व में पहली वनडे सीरीज खेल रही है। जिम्बावे को दूसरे वनडे में रौंदने के बाद मंधाना ने कहा, ”इस मैच में सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यही रहा कि हमने 19 पर दो विकेट खोने के बाद 300 से ज्यादा रन बनाए। इसका क्रेडिट हरमन, प्रतिका और दीप्ति को जाता है। उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की, जिसे देखना शानदार था।” हरमन ने जहां अपने करियर का आठवां वनडे शतक लगाया तो वहीं दीप्ति ने इस फॉर्मेट में दूसरी सेंचुरी जमाई। दीप्ति ने पिछली बार 2017 में शतकीय पारी खेली थी। दीप्ति की सेंचुरी के बारे में मंधाना ने कहा, ”वह शानदार बल्लेबाजी कर रही हैं। महिला वनडे वर्ल्ड कप में भी उन्होंने मैच जिताने वाली पारियां खेली थीं। मुझे खुशी है कि उन्होंने शतक लगाया।”
कप्तान मंधाना ने की वैष्णवी शर्मा की तारीफ
दीप्ति ने गेंद से भी कमाल दिखाया। उन्होंने 32 रन देकर तीन शिकार किए। वहीं, भारत की ओर से अपना दूसरा वनडे मैच खेलने वाली वैष्णवी शर्मा ने 39 रन देकर चार विकेट चटकाए। कप्तान ने वैष्णवी की गेंदबाजी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ”उसने शानदार गेंदबाजी की। वह गति में बदलाव कर रही थी और गेंदबाजी के कोण भी बदल रही थी। उसे अपने खेल की अच्छी समझ है। अन्य खिलाड़ियों ने भी योगदान दिया।” गेंदबाजों से छोटे स्पैल कराने के बारे में मंधाना ने कहा, ”सीमित ओवरों के क्रिकेट में मेरे हिसाब से चार-पांच ओवर का स्पैल भी लंबा होता है। आप नहीं चाहते कि बल्लेबाज गेंदबाजों की गेंदबाजी के अभ्यस्त हो जाएं। हमारी टीम में जिस स्तर के गेंदबाज हैं वे किसी भी समय आकर सही क्षेत्र में गेंदबाजी कर सकती हैं।”