सायली ने मुपाचिक्वा को किया आउट, भारत को बड़ी सफलता

IND-W vs ZIM-W: भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेले जा रहे में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी की है। लंबे समय से विकेट की तलाश कर रही भारतीय टीम को तेज गेंदबाज सायली सतघरे ने महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।

उन्होंने जिम्बाब्वे की बल्लेबाज चिपो मुगेरी-तिरिपानो को शानदार गेंद पर बोल्ड कर दूसरे विकेट की बड़ी साझेदारी तोड़ दी। चिपो ने 57 गेंदों में सात चौकों की मदद से 46 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद जिम्बाब्वे की टीम का स्कोर 23 ओवर में दो विकेट पर 108 रन हो गया। वहीं 24 ओवर की समाप्ति तक जिम्बाब्वे ने दो विकेट के नुकसान पर 110 रन बना लिए।

भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में विकेट हासिल करने के बाद जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन मोडेस्टर मुपाचिक्वा और चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने शानदार साझेदारी करते हुए टीम को संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनरों के खिलाफ धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और खराब गेंदों पर बाउंड्री भी लगाईं। हालांकि सायली सतघरे ने 23वें ओवर में इस साझेदारी का अंत कर भारत को मुकाबले में महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।

सायली सतघरे ने चिपो को किया क्लीन बोल्ड

जिम्बाब्वे की पारी का 23वां ओवर भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस ओवर की दूसरी गेंद पर सायली सतघरे ने चिपो मुगेरी-तिरिपानो को बोल्ड कर दिया। सायली ने राउंड द विकेट गेंदबाजी करते हुए गेंद को अंदर की ओर स्विंग कराया। चिपो ने क्रीज पर खड़े होकर गेंद को खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले और पैड के बीच से निकलकर मिडिल और ऑफ स्टंप से टकरा गई।

इस विकेट के साथ जिम्बाब्वे की मजबूत साझेदारी समाप्त हो गई। विकेट मिलने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने खुशी जताई। विकेटकीपर ऋचा घोष ने भी सायली सतघरे को गले लगाकर इस सफलता का जश्न मनाया।चिपो ने अपनी पारी में 57 गेंदों का सामना करते हुए 46 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से सात शानदार चौके निकले। हालांकि वह अपना अर्धशतक पूरा करने से चार रन दूर रह गईं।

मुपाचिक्वा और चिपो की जोड़ी ने भारत को किया परेशान

जिम्बाब्वे की पारी में मोडेस्टर मुपाचिक्वा और चिपो मुगेरी-तिरिपानो की साझेदारी सबसे महत्वपूर्ण रही। शुरुआती विकेट गिरने के बाद दोनों बल्लेबाजों ने संभलकर बल्लेबाजी की और भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक दूसरी सफलता हासिल नहीं करने दी।18वें ओवर के दौरान दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी पूरी हुई। इसके बाद भी दोनों ने क्रीज पर टिककर रन बनाना जारी रखा।

20 ओवर की समाप्ति पर जिम्बाब्वे का स्कोर एक विकेट पर 104 रन था। उस समय मुपाचिक्वा 45 और चिपो 44 रन बनाकर खेल रही थीं। दोनों बल्लेबाजों ने टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने रन बनाने की रफ्तार पर अंकुश लगाया। 21वें ओवर में सायली सतघरे ने केवल दो रन दिए, जबकि 22वें ओवर में शेफाली वर्मा ने महज एक रन खर्च किया।

शेफाली वर्मा की कसी हुई गेंदबाजी

भारतीय टीम की ओर से शेफाली वर्मा ने गेंदबाजी में भी योगदान दिया। उन्होंने अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया।22वें ओवर में शेफाली ने शानदार नियंत्रण दिखाया। उन्होंने लगातार अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को परेशान किया। इस ओवर में केवल एक रन बना।

शेफाली की कई गेंदों पर चिपो मुगेरी-तिरिपानो बड़ा शॉट खेलने में नाकाम रहीं। एक गेंद पर उन्होंने कट शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के बाहरी किनारे को छकाते हुए निकल गई।तीन ओवर की गेंदबाजी के बाद शेफाली वर्मा ने केवल 11 रन खर्च किए थे। हालांकि उन्हें कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उनकी किफायती गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे पर दबाव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

23वें ओवर में बदला मुकाबले का रुख

जिम्बाब्वे की टीम 22 ओवर की समाप्ति तक एक विकेट पर 107 रन बना चुकी थी। ऐसे में भारतीय टीम को साझेदारी तोड़ने की जरूरत थी।23वें ओवर में सायली सतघरे गेंदबाजी करने आईं। पहली गेंद पर कोई रन नहीं बना, जबकि दूसरी गेंद पर उन्होंने चिपो को बोल्ड कर दिया।इसके बाद नई बल्लेबाज बेलव्ड बिजा क्रीज पर आईं। उन्होंने शुरुआती गेंदों पर संभलकर बल्लेबाजी की। ओवर की आखिरी गेंद पर बिजा ने फाइन लेग की दिशा में एक रन लिया।इस ओवर में केवल एक रन बना और भारत को एक महत्वपूर्ण विकेट भी मिला। सायली सतघरे के छह ओवर की समाप्ति पर गेंदबाजी आंकड़े 23 रन देकर एक विकेट रहे।

श्री चरणी ने भी बनाया दबाव

24वें ओवर में भारतीय टीम ने श्री चरणी को गेंदबाजी की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने भी शानदार नियंत्रण दिखाते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने से रोका।ओवर की पहली गेंद पर बेलव्ड बिजा ने मिडविकेट की दिशा में शॉट खेलकर एक रन लेने की कोशिश की। भारतीय फील्डर तेजल ने गेंदबाजी छोर पर सीधा थ्रो किया, लेकिन गेंद स्टंप पर नहीं लगी। यदि थ्रो सटीक होता तो बिजा रन आउट हो सकती थीं।

इसके बाद चरणी ने लगातार अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने मुपाचिक्वा और बिजा को खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं दिया। पूरे ओवर में केवल दो रन बने।24 ओवर की समाप्ति पर जिम्बाब्वे का स्कोर दो विकेट पर 110 रन पहुंच गया। इस समय मोडेस्टर मुपाचिक्वा 46 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थीं।

अर्धशतक के करीब पहुंचीं मुपाचिक्वा

जिम्बाब्वे की बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने अपनी पारी में धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ संभलकर बल्लेबाजी की और खराब गेंदों पर रन बनाए।मुपाचिक्वा ने वैष्णवी शर्मा और दीप्ति शर्मा के खिलाफ कुछ शानदार शॉट लगाए। विशेष रूप से स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ आगे बढ़कर बल्लेबाजी करने की उनकी रणनीति प्रभावी रही।

हालांकि चिपो के आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने उन पर दबाव बढ़ा दिया। अब मुपाचिक्वा के सामने अपनी पारी को आगे बढ़ाने के साथ नई बल्लेबाज के साथ साझेदारी बनाने की चुनौती है।

भारतीय गेंदबाजों की शानदार वापसी

जिम्बाब्वे की टीम ने एक समय भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया था। दूसरे विकेट के लिए बनी मजबूत साझेदारी ने टीम को 100 रन के पार पहुंचाया। लेकिन 21वें ओवर से भारतीय गेंदबाजों ने रन गति पर नियंत्रण हासिल करना शुरू किया।

सायली सतघरे की सफलता ने भारतीय टीम का उत्साह बढ़ाया है। वहीं शेफाली वर्मा और श्री चरणी ने किफायती गेंदबाजी करके बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।अब भारतीय टीम की कोशिश जल्द से जल्द तीसरा विकेट हासिल करने की होगी। दूसरी ओर जिम्बाब्वे की नजर मुपाचिक्वा की बल्लेबाजी के सहारे पारी को आगे बढ़ाने पर रहेगी।

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