वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय कप्तान शुभमन गिल का बल्ला जमकर चला। भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की। सीरीज में गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 334 रन बनाए और इसी के साथ वनडे में तीन मैचों की सीरीज के दौरान बतौर कप्तान सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
गिल ने इस मामले में जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ब्रेंडन टेलर का 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। टेलर ने 2011 में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 310 रन बनाए थे। गिल अब तीन मैचों की वनडे सीरीज में 300 से ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे कप्तान भी बन गए हैं।
पहले वनडे में शतक, दूसरे में दोहरा शतक
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में शुभमन गिल ने तीनों मैचों में बल्लेबाजी की। पहले वनडे में उन्होंने शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि दूसरे मुकाबले में रिकॉर्ड दोहरा शतक जड़ा। हालांकि तीसरे वनडे में वह सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन शुरुआती दो मैचों की पारियों के दम पर उन्होंने सीरीज में कुल 334 रन बना डाले।
गिल ने सीरीज में 167 के औसत से रन बनाए। उनके प्रदर्शन के कारण उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी दिया गया।
तीन मैचों की वनडे सीरीज में कप्तानों के सबसे ज्यादा रन
- शुभमन गिल (भारत) – 334 रन बनाम वेस्टइंडीज, 2026
- ब्रेंडन टेलर (जिम्बाब्वे) – 310 रन बनाम न्यूजीलैंड, 2011
- शे होप (वेस्टइंडीज) – 278 रन बनाम भारत, 2026
- बाबर आजम (पाकिस्तान) – 276 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2021
- कुर्रम खान (यूएई) – 270 रन बनाम अफगानिस्तान, 2014
विराट कोहली का भारतीय रिकॉर्ड भी टूटा
शुभमन गिल ने बतौर भारतीय कप्तान तीन मैचों की वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में विराट कोहली को भी पीछे छोड़ दिया है। कोहली ने 2017 में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 263 रन बनाए थे। गिल ने 334 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया।
प्लेयर ऑफ द सीरीज के मामले में गिल ने की दिग्गजों की बराबरी
वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए शुभमन गिल का यह वनडे करियर का सातवां प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड है। इसके साथ ही उन्होंने सौरव गांगुली, युवराज सिंह और एमएस धोनी की बराबरी कर ली है।
वनडे में भारत की ओर से प्लेयर ऑफ द सीरीज पुरस्कार जीतने के मामले में गिल अब सिर्फ सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली से पीछे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए भी अहम रहा और उनकी कप्तानी में भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की।