स्पोर्ट्स डेस्क। मुल्लनपुर में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए तीसरे व अंतिम वनडे मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में जगह न मिलने पर कई सवाल खड़े हो रहे थे।
हालांकि, मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने स्थिति साफ करते हुए स्पष्ट किया कि जडेजा को टीम से बाहर (ड्रॉप) नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें आराम दिया गया था।
नए खिलाड़ियों को परखने के लिए दिया गया आराम
गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में दो विकेट चटकाने वाले जडेजा की जगह तीसरे मैच में अंशुल कंबोज को मौका दिया गया था। गिल ने बताया कि तीन मैचों की छोटी सीरीज में बेंच स्ट्रेंथ को आजमाना बेहद जरूरी होता है। गिल ने कहा, “जड्डू भाई को ड्रॉप नहीं किया गया था। हमने उन्हें आराम देने का फैसला किया ताकि अन्य खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिल सके। जब सीरीज सिर्फ तीन मैचों की होती है, तो रिजर्व खिलाड़ियों को मौका देना काफी कठिन हो जाता है।”
वर्ल्ड कप की योजना पर चयनकर्ताओं से होगी बात
शुभमन गिल ने संकेत दिए कि आगामी वनडे वर्ल्ड कप के संयोजन को लेकर चयनकर्ताओं के साथ जल्द ही बैठक होगी। उन्होंने कहा, “आने वाले समय में हम सेलेक्टर्स के साथ बैठकर चर्चा करेंगे कि आगामी वर्ल्ड कप की परिस्थितियों में कौन-सा खिलाड़ी अपनी स्किल्स के आधार पर टीम के लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित हो सकता है। उसी के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।”
डेब्यू करने वाले गेंदबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण रही सीरीज
जसप्रीत बुमराह और हर्षित राणा की अनुपस्थिति में भारत ने इस सीरीज में आकिब नबी और अंशुल कंबोज को डेब्यू का मौका दिया। हालांकि, दोनों ही युवा तेज गेंदबाजों के लिए पदार्पण मैच यादगार नहीं रहे…
- आकिब नबी: दूसरे वनडे में 8.5 ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 84 रन लुटाए।
- अंशुल कंबोज: तीसरे मुकाबले में अपने 9 ओवरों के स्पेल में 82 रन दिए।
दोनों नवागत गेंदबाजों का महंगा साबित होना भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय रहा।