नई दिल्ली: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। दलीप ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
इसके साथ ही वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में 50 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
पहले मैच में बल्ला रहा था खामोश
दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ईस्ट जोन का हिस्सा हैं। टीम ने अपने पहले मुकाबले में नॉर्थ ईस्ट जोन को हराया था। इस मैच में वैभव बल्ले से सिर्फ 8 रन ही बना सके थे। हालांकि, गेंदबाजी में उन्होंने जरूर प्रभावित किया और दो विकेट हासिल किए। टीम ने मुकाबला पारी के अंतर से जीत लिया था, इसलिए दूसरी पारी में वैभव को बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला।
सेंट्रल जोन के खिलाफ दिखा वैभव का आक्रामक अंदाज
ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में सेंट्रल जोन ने पहली पारी में 266 रन बनाए। इसके जवाब में ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की। वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और तेजी से रन बटोरे। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इस दौरान उनके बल्ले से एक छक्का भी निकला। हालांकि पारी के दौरान उन्हें दो जीवनदान भी मिले, जब विरोधी टीम ने उनके कैच के मौके गंवा दिए।
15 साल 157 दिन की उम्र में बनाया रिकॉर्ड
अर्धशतक पूरा करते ही वैभव ने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में 50 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 31 अगस्त 2026 को उनकी उम्र 15 साल और 157 दिन है। इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था। उन्होंने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। इस सूची में पीयूष चावला तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 2005 में 16 साल और 307 दिन की उम्र में 50 रन पूरे किए थे। इस तरह वैभव ने करीब 57 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
92 रन पर आउट हुए, शतक से चूके
अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव ने अपनी पारी को और तेज कर दिया और शतक की ओर बढ़ने लगे। हालांकि वह सेंचुरी से महज 8 रन दूर रह गए। उन्होंने 79 गेंदों पर 92 रन की शानदार पारी खेली। वैभव की इस पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 116.46 रहा। वह एक और बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे और शतक पूरा करने से चूक गए। इसके बावजूद उनकी इस पारी ने दलीप ट्रॉफी के रिकॉर्ड बुक में उनका नाम दर्ज करा दिया है।