नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों एक 15 साल के लड़के का नाम हर किसी की जुबां पर चढ़ चुका है। आईपीएल के रंगारंग मंच से शुरू हुआ वैभव सूर्यवंशी का तूफान अब लाल गेंद के सबसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी तक पहुंच गया है।
आमतौर पर फर्स्ट क्लास क्रिकेट के मैचों को देखने के लिए स्टेडियम में या टीवी पर बहुत कम लोग जुटते हैं लेकिन वैभव की विस्फोटक बल्लेबाजी ने फैंस का ध्यान खींचने का काम किया है।
मेरी पत्नी भी देखती है वैभव का मैच
वैभव के इस खौफनाक और निडर अंदाज ने भारत के पूर्व धाकड़ ओपनर कृष्णमाचारी श्रीकांत को भी अपना मुरीद बना लिया है। श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर खुलकर माना कि वे और उनकी पत्नी सिर्फ वैभव की बैटिंग देखने के लिए दलीप ट्रॉफी का मैच देखने बैठे थे। उन्होंने कहा, ‘हम सब दलीप ट्रॉफी का मैच सिर्फ उसकी वजह से देख रहे थे। जब वो क्रीज पर आया तो लोगों ने टीवी ऑन कर लिया। मेरी पत्नी भी वो मैच देख रही थी, यही उसका असली जलवा है।’
शानदार फॉर्म में हैं वैभव सूर्यवंशी
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ खेलते हुए वैभव ने सिर्फ 81 गेंदों में 92 रन ठोक दिए। हालांकि, वह अपने शतक से एक बार फिर चूक गए लेकिन उनकी इस पारी की बदौलत ईस्ट जोन की टीम 14 साल बाद दलीप ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही। बार-बार 90 के पार जाकर आउट होने की वैभव की आदत पर हंसते हुए श्रीकांत ने मजाकिया लहजे में कहा, ‘अरे भाई वैभव, तू तो शतक के करीब पहुंचकर आउट होने के मामले में मुझसे भी आगे निकल गया है! इस सीजन आईपीएल से लेकर अब तक वो कम से कम 5 बार शतक बनाने से चूका है।’
कप्तानी पर भी दिया बयान
ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन के मैदान से बाहर जाने के बाद जिस तरह से इस 15 साल के युवा ने कप्तानी का जिम्मा संभाला उसने श्रीकांत जैसे दिग्गजों को भी चौंका दिया। उन्होंने स्वीकार किया, ‘जब उसने कप्तानी संभाली तो मुझे थोड़ा शक था कि इतना छोटा लड़का कैसे टीम संभालेगा, लेकिन उसने ईस्ट जोन को फाइनल में पहुंचाकर सबको शांत कर दिया।’