सचिन तेंदुलकर ने 2 दशक से ज्यादा समय तक टीम इंडिया की सेवा की. उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए और तोड़े, टीम इंडिया को अनगिनत मैच जिताए और नतीजा ये हुआ कि लोग उन्हें गॉड ऑफ क्रिकेट यानि क्रिकेट का भगवान कहने लगे.
अब बीसीसीआई कुछ ऐसा ही वैभव सूर्यवंशी को बनाना चाहती है. दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड ने साफ कर दिया है कि वो वैभव का करियर सचिन जैसा लंबा बनाना चाहती है. बीसीसीआई सचिव सैकिया ने कहा कि वो चाहते हैं कि सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों को लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए खेलते देखना चाहेंगे. वो चाहते हैं कि वैभव वैसे ही देश की सेवा करें जैसा कि सचिन ने किया था. हालांकि सवाल ये है कि आखिर ये सब कैसे होगा? आखिर कैसे वैभव सूर्यवंशी सचिन के स्तर तक पहुंचकर देश को मैच पर मैच जिता पाएंगे? आइए आपको बताते हैं वो 5 तरीके जिनका इस्तेमाल कर वैभव सूर्यवंशी का करियर सचिन जैसा बनाया जा सकता है.
भरोसा हर कीमत पर
कोई भी खिलाड़ी तब फर्श से अर्श पर पहुंचता है जब उसपर पूरा यकीन किया जाता है. जब अच्छे और बुरे समय में टीम उसके साथ खड़ी होती है. ठीक वैसे ही जैसे टीम इंडिया ने सचिन के साथ किया, जैसा विराट के साथ हुआ, जैसा धोनी के साथ हुआ और जैसे रोहित के साथ हुआ. इन सभी खिलाड़ियों को बीसीसीआई ने पूरी तरह बैक किया और ये दुनिया के महानतम खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हुए. कुछ ऐसा ही भरोसा को भी देना होगा. इस खिलाड़ी के अंदर टैलेंट बहुत है, महज 15 साल की उम्र में वो कई रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं, बीसीसीआई का भरोसा उन्हें एक महान खिलाड़ी बना सकता है.
कमजोरी पर लगातार काम
एक अच्छा खिलाड़ी तब महान खिलाड़ी बनता है जब वो लगातार सीखता है. अपनी गलतियों और कमियों को दूर करता है. वैभव सूर्यवंशी मौजूदा वक्त में कमाल जरूर हैं लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट पर राज करने के लिए उन्हें अपनी कमजोरियों को दूर करना होगा. उन्हें अपने डिफेंस पर काम करना होगा. कैसे कुछ मैचों में तेज शुरुआत के बाद गीयर बदलकर इनिंग बिल्ड करनी है, ये कला भी उन्हें सीखनी होगी. इसमें वैभव सूर्यवंशी को विराट कोहली जैसा एटीट्यूड रखना होगा जो कभी इतने टैलेंटेड खिलाड़ी नहीं थे लेकिन लगातार कड़ी मेहनत से उन्होंने दुनिया को सजदे में झुका दिया.
फिट है तभी हिट है
इंटरनेशनल स्पोर्ट्स में कोई भी खिलाड़ी तब महान बनता है जब उसके पास टैलेंट के साथ-साथ बेहतरीन फिटनेस हो. सचिन, धोनी, विराट को देखिए ये खिलाड़ी बेहतरीन फिटनेस की वजह से ही इतने लंबे समय तक क्रिकेट खेले हैं. सचिन तो 16 साल की उम्र से ही इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहे थे, उनका करियर 24 सालों तक इसलिए रहा क्योंकि उनकी फिटनेस कमाल थी. वैभव सूर्यवंशी ने तो सचिन से एक साल पहले इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू कर लिया है. अगर उन्हेंने 2 दशक से ज्यादा तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना है तो उसके लिए फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट पर तो काम करना होगा. अच्छी फिटनेस अच्छी डाइट और अच्छे वर्कआउट से हासिल की जाती है, जिसपर वैभव को काम करना होगा.
अतिरिक्त दबाव से रखना होगा दूर
वैभव सूर्यवंशी को अतिरिक्त दबाव से दूर रखना बीसीसीआई की बड़ी जिम्मेदारी होगी. सूर्यवंशी खिलाड़ी कमाल हैं और इसीलिए उन्हें बतौर खिलाड़ी ही विकसित करना सही रहेगा. कम उम्र में उन्हें अगर कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई तो इससे उन्हें नुकसान भी हो सकता है. हालांकि कप्तानी से वो अपने खेल को और निखार भी सकते हैं लेकिन ये बात सच है कि ये पोजिशन अतिरिक्त दबाव भी लेकर आती है जिससे गेम पर असर पड़ता है. सचिन तेंदुलकर को भी अपने लंबे करियर में कप्तानी की वजह से जूझना पड़ा था.
मेंटॉर की बड़ी भूमिका
बीसीसीआई को अगर वैभव सूर्यवंशी को बड़ा क्रिकेटर बनाना है तो इसके लिए उन्हें इस खिलाड़ी के लिए अच्छा मेंटॉर रखना होगा. इस खिलाड़ी को ऐसा माहौल देना होगा जहां बड़े-बड़े दिग्गज उन्हें गाइड कर सकें. वैसे राहुल द्रविड़ अकसर सूर्यवंशी से बात करते रहते हैं. किसी खिलाड़ी को बड़ा बनाने में एक मेंटॉर की भूमिका काफी बड़ी होती है. वरना एक से बढ़कर एक टैलेंटेड खिलाड़ी रास्ता भटक जाते हैं. पृथ्वी शॉ, विनोद कांबली इसका बड़ा उदाहरण हैं.