विराट कोहली के साथी का कारनामा, विजय हजारे ट्रॉफी में ऐसा करने वाले पहले बैटर बने

VHT 2025-26: देवदत्त पडिक्कल और विजय हजारे ट्रॉफी, ये रिश्ता अब रिकॉर्ड्स से भरा हो चुका। मंगलवार को अहमदाबाद के गुजरात कॉलेज ग्राउंड पर राजस्थान के खिलाफ कर्नाटक के एलिट ग्रुप-ए मुकाबले में पडिक्कल ने एक और इतिहास रचा।

वह विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में तीन अलग-अलग सीजन में 600 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने।

पडिक्कल की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और 50 ओवर फॉर्मेट में उनकी खास महारत दिखाती है। उनका विजय हजारे ट्रॉफी का सफर 2019-20 सीजन से शुरू हुआ था, जब उन्होंने 11 मैच में 609 रन बनाए और टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे थे। यहीं से उन्होंने खुद को घरेलू वनडे क्रिकेट का बड़ा नाम बना लिया।

 

 

पडिक्कल ने 600 प्लस स्कोर किया

इसके बाद 2020-21 सीजन में पडिक्कल ने प्रदर्शन का स्तर और ऊंचा कर दिया। सिर्फ 7 पारी में उन्होंने 737 रन ठोक दिए। इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक निकले और कर्नाटक की टीम सेमीफाइनल तक पहुंची। इस सीजन ने साफ कर दिया कि पडिक्कल लंबे फॉर्मेट के साथ-साथ वनडे क्रिकेट के भी स्पेशलिस्ट हैं।

पडिक्कल ने विजय हजारे ट्रॉफी में रचा इतिहास

अब 2025-26 विजय हजारे ट्रॉफी में भी कहानी कुछ अलग नहीं रही। पडिक्कल ने एक बार फिर 600 रन का आंकड़ा पार किया और रन लिस्ट में टॉप पर बने रहे। इस सीजन में उन्होंने 147, 124 और 113 जैसी बड़ी शतकीय पारियां खेलीं। खास बात यह रही कि उन्होंने 7 लगातार पारियों में 50 से ज्यादा रन बनाए, जो उनकी निरंतरता का सबसे बड़ा सबूत है।

राजस्थान के खिलाफ मुकाबले में भी पडिक्कल ने टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 82 गेंदों में 91 रन की पारी खेली,जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे। कप्तान मयंक अग्रवाल के साथ मिलकर उन्होंने 184 रन की ओपनिंग साझेदारी की और कर्नाटक को मजबूत शुरुआत दिलाई।

देवदत्त पडिक्कल भारत के लिए दो टेस्ट और दो टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं। आईपीएल 2026 में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते नजर आएंगे। पिछले सीजन में हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण वह बीच में बाहर हो गए थे लेकिन इसके बावजूद RCB ने उन पर भरोसा दिखाते हुए उन्हें रिटेन किया। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए साफ है कि पडिक्कल एक बार फिर भारतीय टीम में वापसी का मजबूत दावा पेश कर रहे हैं।

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