वर्ल्ड कप 2027 के लिए भारत का बॉलिंग अटैक लगभग तैयार! गंभीर-गिल का ‘मास्टर प्लान’ कर गया काम

न्यूजीलैंड दौरे के लिए जब भारतीय वनडे टीम का चयन हुआ था तो आलोचकों ने हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल पर कई सवाल उठाए थे। सवाल हो भी क्यों ना स्क्वाड में अनुभवी तेज गेंदबाजों की कमी जो देखने को मिल रही ती।

जसप्रीत बुमराह को उनके वर्कलोड के चलते ना तो टी20 सीरीज के लिए चुना गया और ना ही वनडे सीरीज के लिए। बुमराह न्यूजीलैंड दौरे पर सिर्फ टेस्ट मैच ही खेलेंगे। इसके अलावा स्क्वाड में मोहम्मद सिराज ही बचते हैं, जो इस टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज है, जिन्हें 51 वनडे खेलने का अनुभव है। सिराज के अलावा अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, अंशुल कंबोज और आकिब नबी जैसे तेज गेंदबाज टीम में हैं। न्यूजीलैंड जैसे बड़े दौरे पर ऐसा अनुभवहीन पेस अटैक ले जाना किसी खतरे से कम नहीं था।

मोहम्मद सिराज की गैरमौजूदगी पर सवाल

जब पहले वनडे के लिए भारतीय प्लेइंग XI का चयन हुआ तो आलोचक और भड़क गए क्योंकि पहले 11 खिलाड़ियों में मोहम्मद सिराज का नाम नहीं था। सिराज इस टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज थे और उन्हें ही बाहर बैठा दिया गया। ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे में अर्शदीप सिंह भारत के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज थे, जिन्हें 18 ही मैच का अनुभव था। उनका साथ गुरनूर बराड़, अंशुल कंबोज और आकिब नबी ने दिया। हालांकि बाद में रिपोर्ट आई कि सिराज इंडिया ए के लिए मैच खेल रहे थे, जिस वजह से वह पहले वनडे के लिए चयन के लिए उपलब्ध ही नहीं थे।

वेलिंगटन में खेले जाने वाले दूसरे वनडे में उम्मीद लगाई जा रही थी कि सिराज को मौका मिलेगा, मगर तेज गेंदबाजों ने पहले वनडे में जो कहर बरपाया उसके देखने के बाद गिल-गंभीर ने फ्लो तोड़ना बेहतर नहीं समझा।

न्यूजीलैंड की तेज तर्रा पिचों पर भारतीय तेज गेंदबाज बरसे

ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे में भारत ने तेज गेंदबाजों के दम पर न्यूजीलैंड की टीम को 185 रनों पर समेट दिया। अर्शदीप सिंह और आकिब नबी ने नई गेंद संभाली जिसके बाद अंशुल कंबोज और गुरनूर बरार ने कहर बरपाया। अंशुल पहले वनडे के हीरो रहे थे, उन्होंने 10 ओवर के कोटे में मात्र 22 रन खर्च कर 2 विकेट चटकाए थे, उन्हें इस धाकड़ परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया था। अर्शदीप सिंह ने 4 तो गुरनूर बराड़ ने 3 विकेट चटकाए थे।

दूसरे वनडे में भी इन्हें चार तेज गेंदबाजों को मौका मिला और सभी ने इसे दोनों हाथों से लपका। अर्शदीप सिंह दूसरे वनडे में खाली हाथ लौटे, मगर उन्होंने 7 ओवर में 16 ही रन खर्च किए। आकिब नबी ने भी अपने इंटरनेशनल करियर में विकेट का खाता खोला। गुरनूर बराड़ हालांकि अपनी तीखी गेंदबाजी से महफिल लूट ले गए। उन्होंने लगातार शॉर्ट पिच गेंदें डालकर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों की हवा टाइट कर दी। 4 विकेट लेकर उन्होंने इस बार प्लेयर ऑफ द मैच पर कब्जा जमाया।

भारत अपनी गेंदबाजी के दम पर पहले दो वनडे जीतने में कामयाब रहा। टीम इंडिया की इन जीत के बाद गौतम गंभीर का एक बयान हर जगह गूंजा जो उन्होंने वनडे सीरीज शुरू होने से पहले दिया था। गंभीर ने कहा था कि अगर भारत यह वनडे सीरीज जीतता है तो उसा श्रेय गेंदबाजों को जाना चाहिए।

आलोचना के बीच गिल-गंभीर ने तैयार किया वर्ल्ड कप 2027 का पेस अटैक

इतनी आलोचना के बाद अब ऐसा लग रहा है कि भारत का वर्ल्ड कप 2027 पेस अटैक लगभग-लगभग तैयार हो गया है। जसप्रीत बुमराह के साथ साउथ अफ्रीका में पेस अटैक की जिम्मेदारी प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह जैसे तेज गेंदबाज उठा सकते हैं। अर्शदीप के टीम में रहने से एक लेफ्टी तेज गेंदबाज का विकल्प मिलेगा। इसके अलावा आकिब नबी और अंशुल कंबोज जैसे तेज गेंदबाज भी है जो बैकअप में शामिल हो सकते हैं।

हार्दिक पांड्या और हर्षित राणा जैसे तेज गेंदबाज अभी चोट की वह से टीम से बाहर चल रहे हैं। जैसे ही वह फिट होकर वापसी करेंगे भारत का पेस अटैक एकदम सॉलिड नजर आएगा।

न्यूजीलैंड दौरे पर क्या था गंभीर-गिल का मास्टर प्लान?

जब भी टीम में जसप्रीत बुमराह जैसा कोई अनुभवी तेज गेंदबाज होता है तो विकेट के लिए कप्तान और टीम उस पर ही निर्भर हो जाती है। ऐसे में गंभीर-गिल ने बुमराह की गैरमौजूदगी में अनुभवहीन पेस अटैक को मौका दिया, ताकि सभी गेंदबाज बिना किसी पर निर्भर हुए अपना बेस्ट दे सकें। उन्हें विकेट निकालने या गेम चलाने के लिए किसी और की जरूरत ना पड़े। शायद यही वजह है कि दूसरे वनडे में भी सिराज बेंच गर्म कर रहे थे। यह दांव भारत पर भारी भी पड़ सकता था, मगर गंभीर-गिल ने यह रिस्क लिया जिसका उन्हें रिवॉर्ड भी मिला।

 

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