न्यूचंडीगढ़। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे मुकाबले में टीम इंडिया ने शुरुआती दो झटकों के बाद शानदार वापसी कर ली है। भारत ने दो विकेट के नुकसान पर 141 रन बना लिए हैं।
क्रीज पर रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ की जोड़ी मजबूती से जमी हुई है। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती दबाव को खत्म करते हुए भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
भारत की शुरुआत इस मुकाबले में अच्छी नहीं रही थी। टीम ने कम स्कोर पर ही दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। शुभमन गिल जल्दी पवेलियन लौट गए, जबकि उनके बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे विराट कोहली भी टीम को बड़ी पारी नहीं दे सके। लगातार दो विकेट गिरने से वेस्टइंडीज के गेंदबाज हावी होते दिखाई दे रहे थे, लेकिन इसके बाद रोहित और ऋतुराज ने मोर्चा संभाला।
दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत में संभलकर खेलते हुए पारी को स्थिर किया और इसके बाद धीरे-धीरे रन गति बढ़ानी शुरू की। इसका नतीजा यह रहा कि भारत अब 141/2 के मजबूत स्कोर तक पहुंच चुका है।
रोहित शर्मा ने संभाली भारतीय पारी
शुरुआती विकेट गिरने के बाद रोहित शर्मा ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया। उन्होंने जल्दबाजी में बड़े शॉट खेलने के बजाय पहले विकेट पर टिकने पर ध्यान दिया। गेंदबाजों की लाइन और लेंथ को समझने के बाद रोहित ने अपने शॉट खेलने शुरू किए।
रोहित इससे पहले अपना अर्धशतक पूरा कर चुके हैं। पचासा पूरा करने के बाद उनकी बल्लेबाजी में और आत्मविश्वास दिखाई दिया। उन्होंने खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया और सिंगल-डबल लेकर स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाया।
रोहित की पारी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने शुरुआती झटकों के बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लगातार विकेट लेने का मौका नहीं दिया। उन्होंने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा और ऋतुराज के साथ मिलकर भारत को संकट से बाहर निकाला।
ऋतुराज ने दिया शानदार साथ
दूसरे छोर पर ऋतुराज गायकवाड़ ने भी जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की। दो विकेट जल्दी गिरने के बाद उनके सामने बड़ी चुनौती थी। एक और विकेट भारत को मुश्किल स्थिति में पहुंचा सकता था, लेकिन ऋतुराज ने धैर्य दिखाया।
उन्होंने शुरुआत में गेंद को ध्यान से खेला और क्रीज पर समय बिताया। सेट होने के बाद ऋतुराज ने भी अपने शॉट खेलने शुरू कर दिए। खासकर स्ट्राइक रोटेशन के मामले में उन्होंने रोहित का अच्छा साथ दिया।
दोनों बल्लेबाजों के बीच विकेटों के बीच दौड़ और तालमेल भी अच्छा दिखाई दिया। जहां बाउंड्री का मौका नहीं मिला, वहां उन्होंने सिंगल और डबल के जरिए रन गति बनाए रखी।
बड़ी साझेदारी ने बदला मैच का रुख
भारत के दो विकेट जल्दी गिरने के बाद वेस्टइंडीज के पास मैच पर पकड़ मजबूत करने का मौका था। लेकिन रोहित और ऋतुराज की साझेदारी ने मुकाबले का रुख बदल दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए बड़ी साझेदारी करते हुए भारत को 141 रन तक पहुंचा दिया है। शुरुआती दबाव अब पूरी तरह वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर जाता दिखाई दे रहा है।
इस साझेदारी ने भारतीय ड्रेसिंग रूम को भी राहत दी है। अब आने वाले बल्लेबाजों को शुरुआती दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे परिस्थितियों के मुताबिक खुलकर बल्लेबाजी कर सकते हैं।
वेस्टइंडीज को विकेट की तलाश
शुरुआती दो सफलताएं हासिल करने के बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लंबे समय से तीसरे विकेट की तलाश है। रोहित और ऋतुराज ने उन्हें कोई बड़ा मौका नहीं दिया है।
वेस्टइंडीज की ओर से लगातार गेंदबाजी में बदलाव किए जा रहे हैं। तेज गेंदबाजों के साथ स्पिनरों को भी लगाया जा रहा है ताकि इस साझेदारी को तोड़ा जा सके। लेकिन दोनों भारतीय बल्लेबाज फिलहाल गेंदबाजों की हर रणनीति का संयम से सामना कर रहे हैं।
वेस्टइंडीज के लिए अब रोहित या ऋतुराज में से किसी एक का विकेट हासिल करना बेहद जरूरी हो गया है। अगर यह साझेदारी और लंबी होती है तो भारत अंतिम ओवरों में बड़े स्कोर की ओर बढ़ सकता है।
भारत के पास रन गति बढ़ाने का मौका
141/2 के स्कोर तक पहुंचने के बाद भारतीय टीम के पास अब रन गति बढ़ाने का मौका है। दो सेट बल्लेबाज क्रीज पर हैं और टीम के आठ विकेट अभी बाकी हैं। ऐसे में आने वाले ओवरों में भारतीय बल्लेबाज अधिक आक्रामक रणनीति अपना सकते हैं।
वनडे क्रिकेट में मध्य ओवरों के दौरान विकेट बचाकर लगातार रन बनाना महत्वपूर्ण होता है। भारत ने शुरुआती नुकसान के बाद यही किया है। अब टीम की कोशिश होगी कि इस मजबूत स्थिति का फायदा उठाया जाए।
अगर रोहित और ऋतुराज अगले कुछ ओवर तक साथ रहते हैं तो भारत के लिए 300 या उससे अधिक के स्कोर की दिशा में बढ़ने का आधार तैयार हो सकता है। हालांकि अंतिम स्कोर अभी पारी के बाकी हिस्से में बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा।
रोहित की नजर बड़ी पारी पर
अर्धशतक पूरा कर चुके रोहित शर्मा के पास अब अपनी पारी को शतक में बदलने का मौका है। वह पूरी तरह सेट नजर आ रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी में संयम और आक्रामकता दोनों दिखाई दे रही हैं।
रोहित एक बार क्रीज पर जमने के बाद तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज के गेंदबाज उनके खिलाफ कोई ढीली गेंद नहीं डालना चाहेंगे।
अगर रोहित शतक तक पहुंचते हैं तो भारत की स्थिति और मजबूत हो सकती है। साथ ही टीम को अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने के लिए अच्छा मंच मिल जाएगा।
ऋतुराज के लिए भी बड़ी पारी का मौका
ऋतुराज गायकवाड़ ने जिस तरह मुश्किल परिस्थिति में पारी संभाली है, उससे उनके पास भी बड़ी पारी खेलने का मौका बन गया है। शुरुआती समय में उन्होंने रोहित का साथ देने पर ध्यान दिया, लेकिन अब वह भी अधिक आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी कर रहे हैं।
ऋतुराज अगर लंबे समय तक क्रीज पर रहते हैं तो वह अपनी पारी की गति बढ़ा सकते हैं। उनके पास टाइमिंग के साथ बड़े शॉट खेलने की क्षमता है।
टीम प्रबंधन भी चाहेगा कि ऋतुराज मिले हुए मौके का पूरा फायदा उठाएं और इस साझेदारी को ज्यादा से ज्यादा आगे लेकर जाएं।
शुरुआती दबाव से पूरी तरह बाहर भारत
भारत की मौजूदा स्थिति शुरुआती ओवरों की तुलना में काफी बेहतर हो चुकी है। दो विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में थी, लेकिन अब 141/2 के स्कोर ने मुकाबले की तस्वीर बदल दी है।
रोहित और ऋतुराज ने न सिर्फ विकेट बचाए, बल्कि रन भी बनाए हैं। दोनों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लंबी अवधि तक सफलता से दूर रखा है।
अब भारतीय टीम की नजर इस साझेदारी को और बड़ा करने पर होगी। अगर तीसरा विकेट जल्दी नहीं गिरता है तो वेस्टइंडीज के लिए अंतिम ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को रोकना मुश्किल हो सकता है।
फिलहाल मुकाबले में भारत ने दो विकेट पर 141 रन बना लिए हैं। शुरुआती दो झटकों के बाद रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ की शानदार साझेदारी ने टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यह जोड़ी कितनी लंबी साझेदारी करती है और भारत अपनी पारी को कितने बड़े स्कोर तक पहुंचाता है।