रूट नाम पढ़कर आप सोच रहे होंगे कि इंग्लैंड के महान खिलाड़ी जो रूट ने क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल, टेस्ट कप्तान जो रूट के छोटे भाई बिली रूट ने 34 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है.
बिली का ग्लैमरगन के साथ कॉन्ट्रैक्ट इसी हफ्ते खत्म हो रहा है और इसके साथ ही उनके क्रिकेट करियर का भी अंत हो जाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि अब उनकी जिंदगी में “अगला चैप्टर” शुरू करने का समय आ गया है.
बिली ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “इन दो शानदार क्लबों का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए बेहद गर्व और सम्मान की बात रही है. इन टीमों के साथ चार ट्रॉफियां जीतने की सफलता का हिस्सा बनना मेरे लिए खास अनुभव रहा. मैं खुद को बेहद खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे उस चीज को करियर बनाने का मौका मिला, जिसे मैंने बचपन से ही बेहद पसंद किया है. पिछले 14 सालों में मेरे करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अगर मुझे दोबारा मौका मिले तो मैं कुछ भी बदलना नहीं चाहूंगा. इस पूरे सफर, मेरे साथ जुड़े लोगों और अपने बचपन के सपने को जीने का मौका मिलने के लिए मैं हमेशा दिल से आभारी रहूंगा. इस सफर में किसी भी तरह से मेरा साथ देने वाले हर शख्स का शुक्रिया.”
2017 में रखा था कदम
बता दें कि बिली रूट ने लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद नॉटिंघमशायर के साथ प्रोफेशनल क्रिकेट में कदम रखा था. वह 2017 में उस टीम का हिस्सा थे, जिसने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार डबल पूरा किया था. इसके बाद 2019 में वह ग्लैमरगन से जुड़े. यहां उन्होंने टीम के साथ दो वनडे कप खिताब जीते और पिछले सीजन में ग्लैमरगन को काउंटी चैंपियनशिप के डिविजन-1 में पहुंचाने वाली टीम का भी हिस्सा रहे.
जो रूट के भाई के नाम से पहचान से थी परेशानी
बिली ने 2017 में बताया था कि कई बार सिर्फ “जो रूट के भाई” के तौर पर पहचाना जाना उन्हें परेशान करता था. हालांकि, उनका मानना था कि इस पहचान से मिलने वाले फायदे ज्यादा थे. अब बिली उन कई काउंटी क्रिकेटरों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने इस हफ्ते प्रोफेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया है. स्कॉट बोर्थविक, ल्यूक चार्ल्सवर्थ, अनुज डाल और रॉब कीओ भी अपने-अपने क्रिकेट करियर को खत्म करने की घोषणा कर चुके हैं.