सोविमा (नागालैंड), 19 अक्टूबर (हि.स.)। मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने सोमवार को रणजी ट्रॉफी प्लेट लीग मुकाबले में इतिहास रच दिया। उन्होंने नगालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन बनाकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में चौहरा शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।
29 वर्षीय सुतार ने पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए रणजी ट्रॉफी के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर अपने नाम किया।
सुतार हालांकि रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए। यह रिकॉर्ड महाराष्ट्र के भाऊसाहेब निम्बालकर के नाम है, जिन्होंने 1948-49 सत्र में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। सुतार चाय के समय 392 रन पर नाबाद थे और उन्होंने पारी के 155वें ओवर में 400 रन का आंकड़ा छुआ। इसके बाद मिजोरम ने नौ विकेट पर 581 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी।
सुतार ने लालरेम्पुनिया छकछुआक के साथ दसवें विकेट के लिए नाबाद 190 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत मिजोरम 500 रन के पार पहुंचा। यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में आखिरी विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इस मामले में रिकॉर्ड दिल्ली के अजय शर्मा और मनिंदर सिंह के नाम है, जिन्होंने 1991-92 सत्र में मुंबई के खिलाफ 233 रन जोड़े थे।
सुतार का यह प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट में उनके हालिया अच्छे प्रदर्शन की कड़ी है। उन्होंने इस साल की शुरुआत में विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई का प्रतिनिधित्व किया था। जून में उन्होंने मुंबई टी20 लीग में एमएससी मराठा रॉयल्स को खिताब बचाने में मदद की और लगातार दो अर्धशतक लगाए। उन्होंने छह पारियों में करीब 120 के स्ट्राइक रेट से 212 रन बनाए थे।
2026-27 घरेलू सत्र शुरू होने से पहले सुतार ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) हासिल किया और मिजोरम की टीम से जुड़ गए। उन्होंने पिछले सप्ताह मणिपुर के खिलाफ सत्र के पहले मुकाबले में रणजी ट्रॉफी पदार्पण किया था। उस मैच में उन्होंने पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 99 रन बनाए, लेकिन मिजोरम को तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 68 रन से पिछड़ने के बावजूद मिजोरम ने वापसी की थी और सुतार की दूसरी पारी की पारी ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी। अब नगालैंड के खिलाफ नाबाद चौहरे शतक के साथ उन्होंने भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट की एक पारी में 400 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की विशिष्ट सूची में भाऊसाहेब निम्बालकर के साथ शामिल हो गए हैं।