टी20 विश्व कप जीतने के बाद पहली बार सूर्यकुमार यादव ने उस ऐतिहासिक अभियान से जुड़े कई अनकहे किस्से साझा किये हैं। आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में सूर्यकुमार यादव ने कप्तानी से हटाए जाने, संजू सैमसन को टीम में शामिल करने के बावजूद प्लेइंग-11 में जगह न दे पाने, पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के दबाव, जसप्रीत बुमराह की भूमिका और 2023 वनडे विश्व कप फाइनल में हार की टीस पर खुलकर बात की।
सूर्यकुमार यादव ने बताया कि अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले के बाद टीम को पहली बार लगा था कि वह कुछ खास करने वाली है। सूर्यकुमार यादव ने यह भी बताया कि 2023 में जिस मैदान (अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम) पर भारतीय टीम का विश्व कप जीतने का सपना टूटा था और उस स्टेडियम को लेकर लोग श्राप जैसी चर्चाएं कर रहे थे तो उनके दिमाग में उसे खत्म करने की बात भी चल रही थी।
कप्तानी गई तो भी चेहरे पर मुस्कान
आकाश चोपड़ा ने सूर्यकुमार यादव से पूछा कि टी20 विश्व कप विजेता बनते समय वह कप्तान थे और अगली बार टीम चुने जाने पर उनका नाम नहीं था, तब उन्होंने इसे किस तरह से लिया। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्होंने उस समय भी मुस्कुराते हुए स्थिति को स्वीकार किया था। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि अगर चयनकर्ताओं को लगा कि भविष्य के लिए यह बेहतर फैसला है तो उन्होंने वही फैसला लिया।
टी20 विश्व कप में भारतीय टीम के सामने रिकॉर्ड बनाने का मौका था। आकाश चोपड़ा ने बातचीत में बताया कि किसी टीम ने लगातार तीन बार यह ट्रॉफी नहीं जीती है और कोई भी देश अपनी मेजबानी में यह खिताब नहीं जीत पाया है। सूर्यकुमार यादव ने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान टीम की सोच धीरे-धीरे बदली।
सूर्यकुमार यादव ने कहा, ”एक होता है ‘हो जाएगा’ और एक होता है ‘करना पड़ेगा’ और जब आप किसी खेल में छोटे अंतर से हारते हैं या बाधा पड़ती है तो उससे सोच बदलती है। यही चीज भारत-साउथ अफ्रीका खेल में हुई। अहमदाबाद में हमको अहसास हुआ कि अब हम कुछ खास करने वाले हैं। उस मुकाबले ने टीम के अंदर विश्वास को और मजबूत किया।
संजू सैमसन को नहीं खिला पाना सबसे मुश्किल फैसला
सूर्यकुमार यादव ने संजू सैमसन को लेकर भी अपनी बात रखी। आकाश चोपड़ा ने याद दिलाया कि सूर्यकुमार यादव ने संजू से कहा था, ‘सात मैच, जा जी ले अपनी जिंदगी संजू।’ हालांकि, संजू सैमसन का टीम में चयन होने के बावजूद उन्हें सभी मुकाबलों में खेलने का मौका नहीं मिला। सूर्यकुमार यादव ने माना कि यह उनके लिए सबसे मुश्किल फैसलों में से एक था।
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि संजू सैमसन के लिए उनके मन में पहले से ही काफी सम्मान था और टूर्नामेंट के बाद वह और भी बढ़ गया। सूर्यकुमार यादव ने कहा, ”संजू ने टूर्नामेंट के बीच से शुरुआत की और फाइनल खेलकर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बने। मतलब उनके लिए रिस्पेक्ट (इज्जत) तो पहले से ही थी लेकिन बाद में वह और भी ऊपर चली गई।”
पाकिस्तान के खिलाफ लगा दबाव?
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले को लेकर भी सूर्यकुमार यादव ने दिलचस्प बात बताई। आकाश चोपड़ा ने उनसे पूछा कि जब उन्होंने कहा था कि अब भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला कोई अलग तरह की प्रतिद्वंद्विता नहीं है तो क्या इससे उन पर ज्यादा दबाव आया था?
सूर्यकुमार यादव ने बताया कि उन्हें मैच के शुरुआती हिस्से में खास दबाव महसूस नहीं हुआ। करीब 10वें-11वें ओवर तक वह सामान्य थे, लेकिन 13वें ओवर के आसपास उन्हें असली दबाव महसूस हुआ। सूर्यकुमार यादव ने बताया, ”मुझे सच में प्रेशर 10वें-11वें ओवर तक फील नहीं हुआ। मुझे असल प्रेशर फील हुआ 13वें ओवर के आस-पास। जब हार्दिक बैटिंग करने आया और आउट हो गया। तब मैं आपको बता नहीं सकता हूं कि पसीना कहां-कहां से निकल रहा था।”
बुमराह की वे 24 गेंदें
जसप्रीत बुमराह की भूमिका पर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि एक कप्तान के लिए टीम में उनका जैसा लीडर होना बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी 24 गेंदों का सही इस्तेमाल करना किसी कप्तान के लिए सोने से कम नहीं। सूर्यकुमार यादव ने बताया कि कई मौकों पर बुमराह खुद भी असहज महसूस कर रहे होते थे, लेकिन वह कप्तान के पास आकर सिर्फ एक बात कहते थे- ‘तेरा काम कर दूंगा मैं।’
जसप्रीत बुमराह का यह भरोसा कप्तान के लिए भी बड़ी ताकत था। मुश्किल परिस्थितियों में उनके मैदान पर होने का मतलब था कि भारतीय टीम के पास मैच का रुख बदलने वाला गेंदबाज मौजूद है।
दिमाग में 2023 की हार का दर्द
सूर्यकुमार यादव के लिए यह खिताबी जीत इसलिए भी खास थी, क्योंकि 2023 में इसी मैदान पर भारतीय टीम वनडे विश्व कप का फाइनल (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) हार गई थी। भारतीय टेस्ट टीम के पूर्व बल्लेबाज और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने उस पुराने दर्द का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय स्टेडियम में मौजूद लोगों के लिए वह हार भुलाना आसान नहीं था।
सूर्यकुमार यादव ने भी माना कि 2023 की हार उनके दिमाग में थी। टी20 विश्व कप के दौरान जब लोग इस मैदान को लेकर ‘श्राप’ जैसी बातें कर रहे थे, तो वह भी उनके मन में चल रहा था। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उनके मन में यही था कि इस बार कुछ ऐसा करना है, जिससे इस चीज को बदला जा सके। भारतीय टीम ने आखिरकार उसी मैदान पर टी20 विश्व कप की ट्रॉफी उठाकर पुरानी याद को एक नई और सुखद याद में बदल दिया।
कैसे याद किया जाना चाहते हैं सूर्या?
बातचीत के आखिर में आकाश चोपड़ा ने सूर्यकुमार यादव के सामने एक दिलचस्प सवाल रखा। उन्होंने पूछा कि लोगों द्वारा वह किस तरह याद रखे जाने चाहते हैं? दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज के तौर पर, जिसने खेल खेलने का अंदाज बदला या उस खिलाड़ी के रूप में जिसने एक कैच पकड़कर मैच का रुख बदल दिया या फिर उस खिलाड़ी के रूप में जिसने भारतीय टीम के लिए ट्रॉफी उठाई। सवाल सुनकर सूर्यकुमार यादव के चेहरे के भाव बदल गए और बातचीत का माहौल भी भावुक हो गया। वह सिर्फ इतना बोल पाए, ”अरे बाप रे।”
भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए स्क्वाड का ऐलान, विराट कोहली से लड़ने वाले क्रिकेटर की टीम में वापसी
अफगानिस्तान की मेजबानी में 13 सितंबर से 17 सितंबर तक भारतीय टीम तीन टी20 मुकाबलों की सीरीज खेलेगी। इस सीरीज के लिए अफगानिस्तान के स्क्वाड का ऐलान हो गया है। नवीन उल हक की इस टीम में 20 महीने के बाद वापसी हुई है।