टेस्ट क्रिकेट में जब किसी टीम के 9 विकेट गिर जाते हैं, तो आखिरी बल्लेबाज पर कोई ज्यादा भरोसा नहीं करता है. सामने तेज गेंदबाज हों और विकेट लगातार गिर रहे हों, तो फिर 11वें नंबर के खिलाड़ी के लिए रन बनाना और भी मुश्किल हो जाता है.
हालांकि, कुछ खिलाड़ियों ने इस हालात में भी हार नहीं मानी और बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया कि उनका नाम इतिहास में दर्ज हो गया. ऑस्ट्रेलिया के एश्टन एगर तो अपने शतक से सिर्फ 2 रन दूर रह गए थे. अब जानते हैं टेस्ट क्रिकेट में 11वें नंबर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 4 खिलाड़ियों के बारे में.
ऑस्ट्रेलिया के एश्टन एगर इस रिकॉर्ड लिस्ट में पहले नंबर पर हैं. उन्होंने 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू पर 98 रन बनाए थे. एगर 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे. उन्होंने 101 गेंदों पर 98 रन बनाए और शतक से सिर्फ 2 रन दूर रह गए. उनकी इस पारी ने टेस्ट क्रिकेट में 11वें नंबर पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया.
आयरलैंड के टी मुरतग ने 2019 में अफगानिस्तान के खिलाफ बिना आउट हुए 54 रन बनाए थे. 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए इस तरह की पारी खेलना आसान नहीं होता. मुरतग ने अपनी पारी से दिखाया कि आखिरी के खिलाड़ी भी जरूरत पड़ने पर टीम के लिए अहम रन बना सकते हैं.
एस शिलिंगफॉर्ड ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली 53 रन की पारी
वेस्टइंडीज के एस शिलिंगफॉर्ड ने 2014 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बिना आउट हुए 53 रन की पारी खेली थी. उनकी इस पारी में सबसे खास बात ये रही कि वो अपना विकेट बचाकर बिना आउट लौटे. टेस्ट क्रिकेट में निचले क्रम के बल्लेबाजों का योगदान कई बार टीम के लिए अहम साबित होता है.
साकिब महमूद 49 रन बनाकर अर्धशतक से चूके
इंग्लैंड के साकिब महमूद ने 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 49 रन बनाए थे. वो अपने अर्धशतक से सिर्फ 1 रन दूर रह गए. उनकी इस पारी को भी 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन के संदर्भ में याद किया जा सकता है.
11वें नंबर की बल्लेबाजी भी अहम
टेस्ट क्रिकेट में आखिरी बल्लेबाजों से आमतौर पर बड़ी पारियों की उम्मीद नहीं की जाती. इसके बावजूद ऐसी पारियां टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में मदद करती हैं. एश्टन एगर, टी मुरतग, एस शिलिंगफॉर्ड और साकिब महमूद के ये आंकड़े निचले बल्लेबाजी के महत्व को सामने लाते हैं.