हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान पूरी तरह से टूर्नामेंट से हटे, इसकी संभावना नहीं है.
लतीफ ने विरोध का क्या तरीका सुझाया?
लतीफ ने विरोध का एक अलग तरीका सुझाया है कि पाकिस्तान विश्व कप में हिस्सा तो ले, लेकिन भारत के खिलाफ मुकाबले न खेले. राशिद लतीफ ने यह भी कहा कि ऐसा कोई भी फैसला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड नहीं, बल्कि देश की सरकार को लेना होगा. उनके अनुसार, अगर सरकार यह निर्देश देती है कि भारत के खिलाफ मैच नहीं खेला जाएगा, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को इसे मानना पड़ेगा.
लतीफ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर आईसीसी इस फैसले को स्वीकार नहीं करती है, तो वहीं से असली टकराव की शुरुआत होगी. यहां तक कि जब उनसे यह पूछा गया कि अगर भारत और पाकिस्तान की टीमें फाइनल में आमने-सामने आ जाएं तो क्या होगा, इस पर उन्होंने साफ कहा कि नहीं खेलेंगे.
लतीफ ने यह भी स्वीकार किया कि बहिष्कार का उनका पुराना विचार अब प्रभावी नहीं रह गया है. उन्होंने बताया कि जब आईसीसी की बैठक में बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर करने का फैसला हुआ, उसी समय पाकिस्तान के पास विरोध का मजबूत मौका था. उनके मुताबिक, अगर उस समय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कड़ा कदम उठाया होता तो उसका असर ज्यादा होता. उन्होंने एक यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि हर फैसले का एक सही वक्त होता है और जब मौका हाथ से निकल जाए तो बाद में किया गया विरोध उतना असरदार नहीं होता.
गौरतलब है कि आईसीसी की बैठक में बांग्लादेश को बाहर करने के पक्ष में 14 वोट पड़े थे. इसके बाद उनकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया. आईसीसी ने इसके पीछे लॉजिस्टिक और अनुबंध से जुड़ी समस्याओं का हवाला दिया था. इस वोटिंग में पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया था, लेकिन आईसीसी के फैसले को स्वीकार कर लिया.
बांग्लादेश के साथ पाक ने रखा था पक्ष
लतीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ खड़े होकर अपना पक्ष साफ कर दिया था और अब वह मामला समाप्त हो चुका है. उनका मानना है कि अगर अब बहिष्कार की बात की जाती है तो उसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा. इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने संकेत दिए थे कि बोर्ड बांग्लादेश की तरह सैद्धांतिक रुख अपनाने पर विचार कर सकता है, लेकिन इस दिशा में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई.
फिलहाल टी20 विश्व कप तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगा और पाकिस्तान इसमें हिस्सा लेगा. भारत से जुड़े मैच हाइब्रिड मॉडल के तहत 2027 तक न्यूट्रल वेन्यू पर खेले जाने हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सीधी भिड़ंत से बचा जा सके.