पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर गलत हरकतों का मामला सामने आ गया है. कई बार मैच फिक्सिंग के मामलों के कारण शर्मिंदगी झेल चुके पाकिस्तानी क्रिकेट में इस बार सट्टेबाजी और जुआ खेलने का मामला सामने आया है.
टीम के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज और पूर्व कप्तान मोहम्मद रिजवान इन मामले में फंस गए हैं. इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज के बीच ही टीम से निकाले गए रिजवान के खिलाफ पाकिस्तानी एजेंसी ने क्रिकेट में सट्टेबाजी और जुआ से जुड़े मामले की जांच शुरू की है.
पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम जांच एजेंसी (NCCIA) ने हाल ही में रिजवान पर सट्टेबाजी और जुआ में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्हें नोटिस भेजा है. इस नोटिस में रिजवान से एजेंसी के सामने पेश होने और अपना बयान रिकॉर्ड करवाने का निर्देश दिया गया है. इस नोटिस के खिलाफ रिजवान ने लाहौर हाई कोर्ट में अपील की थी और नोटिस को रद्द करने की मांग की थी. मगर गुरुवार 17 सितंबर को हाई कोर्ट ने उनकी अपील खारिज करते हुए एजेंसी के सामने पेश होने का आदेश दिया.
हाई कोर्ट से मिले इस झटके ने रिजवान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं क्योंकि अब उन्हें एजेंसी के सामने पेश होना पड़ेगा और सवालों के जवाब देने होंगे. ये जांच इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके आधार पर ही रिजवान के करियर की दिशा तय होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, NCCIA की जांच और रिपोर्ट के आधार पर ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड रिजवान के मामले में आगे कोई कार्रवाई करेगा. अगर रिजवान के खिलाफ आरोप सही पाए जाते हैं तो ये उनके करियर का अंत भी हो सकता है क्योंकि वैसे ही वो धीरे-धीरे पाकिस्तानी टीम से बाहर हो रहे हैं.
रिजवान के खिलाफ ये जांच इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले गए लॉर्ड्स टेस्ट मैच के बाद शुरू हुई. पाकिस्तान को उस मैच में हार का सामना करना पड़ा था. इस टेस्ट के बाद रिजवान और इमाम उल हक के खिलाफ जांच शुरू हो गई थी. पाकिस्तानी टीम के होटल में पहुंचते ही इन दोनों के मोबाइल फोन ले लिए गए थे, जिनका डेटा ट्रांसफर कर दिया गया था. रिजवान के वकील ने हाई कोर्ट को हाल ही में ये बताया है कि तब से अब तक एजेंसी ने उनका फोन भी नहीं लौटाया है.