चैंपियन इंडिया को कब मिलेंगी एशिया कप की दोनों ट्रॉफियां? ‘ट्रॉफी चोर’ विवाद के बीच BCCI सचिव ने खत्म किया सस्पेंस

ई दिल्ली: एशिया कप की ट्रॉफियों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के बीच जारी तनातनी के बीच एक नया और अहम अपडेट सामने आया है। BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मेंस और विमेंस एशिया कप की दोनों ट्रॉफियां आखिरकार भारत जरूर लाई जाएंगी।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की जा सकती। भारतीय बोर्ड को उम्मीद है कि ये ट्रॉफियां मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम स्थित BCCI मुख्यालय की शोभा बढ़ाएंगी, जहां फिलहाल उनका इंतजार किया जा रहा है।

दुबई में क्यों फंसी हैं एशिया कप की ट्रॉफियां?

वर्तमान में पुरुष और महिला एशिया कप की दोनों ट्रॉफियां दुबई स्थित ACC के मुख्य कार्यालय में रखी हुई हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी से जुड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद है।

पिछले साल भारतीय पुरुष टीम ने एशिया कप का खिताब जीतने के बाद नकवी से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया था। मोहसिन नकवी पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं।

एशियन गेम्स 2026 में भी प्रस्तुति को लेकर सस्पेंस

महिला T20 एशिया कप के दौरान भारतीय महिला टीम ने नकवी की मौजूदगी वाले आधिकारिक ट्रॉफी प्रेजेंटेशन समारोह का बहिष्कार कर दिया और अलग से अपनी एक निजी मेडल सेरेमनी आयोजित की, जिसमें BCCI सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया। आधिकारिक समारोह में भारतीय टीम की अनुपस्थिति के बाद नकवी ने श्रीलंका की टीम को रनर-अप का चेक सौंपा, जिसके बाद यह विवाद और गहरा गया।

अब इसी तरह का राजनीतिक सस्पेंस जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 को लेकर भी गहराने लगा है। इस महाकुंभ में क्रिकेट प्रतियोगिता भी शामिल है, जिसमें भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें दावेदारी पेश कर रही हैं। चूंकि इन मुकाबलों का संचालन ACC की देखरेख में होना है, ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि यदि भारतीय टीमें स्वर्ण पदक जीतती हैं, तो मेडल सेरेमनी में ACC पदाधिकारियों की क्या भूमिका होगी और क्या भारतीय खिलाड़ी मंच साझा करेंगे।

अप्रैल 2027 तक नकवी का कार्यकाल

ACC अध्यक्ष के रूप में मोहसिन नकवी का मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2027 तक निर्धारित है। इसके बाद उनके पद पर बने रहने का फैसला परिषद के सदस्य देशों की आपसी सहमति पर निर्भर करेगा। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में BCCI सचिव का यह बयान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सैकिया ने मीडिया से बातचीत में दोहराया कि यद्यपि किसी सटीक तारीख की घोषणा नहीं की जा सकती, लेकिन भारतीय क्रिकेट प्रेमी भरोसा रखें कि दोनों प्रतिष्ठित ट्रॉफियां समय आने पर भारत आ जाएंगी। अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ACC में प्रशासनिक बदलाव या किसी कूटनीतिक हल के बाद ये ट्रॉफियां मुंबई कब पहुंचती हैं।

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