सिर्फ पांच सीजन का इतिहास और उसमें भी एक खिताब, एक बार रनर-अप और कुल 4 बार प्लेऑफ का सफर. ये रिकॉर्ड है IPL की दो सबसे नई टीमों में से एक गुजरात टाइटंस का. अपने पहले ही सीजन में खिताब जीतने वाली गुजरात टाइटंस एक बार फिर प्लेऑफ में पहुंची है. शुभमन गिल की कप्तानी में टीम का ये लगातार दूसरा सीजन है, जब वो अगले राउंड में पहुंची है. मगर पिछले सीजन की तुलना में इस बार टीम खिताब की ज्यादा बड़ी दावेदार नजर आ रही है और इसकी वजह हैं गुजरात के ‘सुपर-6’, जो बैटिंग से लेकर बॉलिंग तक छाए हुए हैं.
शुभमन गिल
इसकी शुरुआत ही कप्तान शुभमन गिल से होती है, जो न सिर्फ दमदार कप्तानी कर रहे हैं बल्कि अपने बल्ले से भी जमकर रन उगल रहे हैं. गिल ने इस सीजन में अभी तक 13 पारियों में ही 616 रन बना लिए हैं, जहां उनका औसत 47 का और स्ट्राइक रेट 161 का है. वो 6 बार 50 से ज्यादा के स्कोर कर चुके हैं और फिलहाल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं.
साई सुदर्शन
वहीं गिल के ही ओपनिंग पार्टनर साई सुदर्शन ने भी टीम की सफलता में उतना ही बड़ा योगदान दिया है. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने लगातार रन बटोरे हैं और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने में या रनचेज में मदद की है. सुदर्शन ने 14 पारियों में 49 की औसत से 638 रन बना लिए हैं और लिस्ट में नंबर-1 हैं. इसके साथ ही वो 7 अर्धशतक और 1 शतक लगा चुके हैं.
जॉस बटलर
गुजरात के लिए रन बनाने की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी उनके टॉप-3 ने निभाई है और इसमें तीसरे हैं इंग्लैंड के दिग्गज जॉस बटलर. इस सीजन की शुरुआत धीमे अंदाज में करने वाले बटलर ने जैसे ही रफ्तार पकड़ी, गुजरात का सीजन लगातार बेहतर होता गया. यही कारण है कि उनके बल्ले से अभी तक 14 पारियों में 469 रन निकले हैं और 4 अर्धशतक लगा चुके हैं.
कगिसो रबाडा
जिस तरह बैटिंग में 3 खिलाड़ी कमाल कर रहे हैं, उसी तरह बॉलिंग में भी 3 सितारों ने अपनी चमक बिखेरी है. इसमें सबसे ऊपर हैं स्टार तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा, जिन्होंने इस सीजन में 14 पारियों में 24 विकेट लिए हैं और भुवनेश्वर कुमार के साथ सबसे ऊपर हैं. रबाडा ने खास तौर पर पावरप्ले में लगभग हर मैच में विकेट लेकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई है, जिसका असर मैच के नतीजों पर नजर आया है. रबाडा अब तक 147 डॉट बॉल कर चुके हैं.
राशिद खान
वहीं बटलर की तरह गेंदबाजी में खराब शुरुआत करने वाले स्टार स्पिनर राशिद खान ने भी जोरदार वापसी की है. इस सीजन भले ही वो किफायत के साथ गेंदबाजी नहीं कर पाए हैं लेकिन कुछ मुकाबलों में अकेले दम पर उन्होंने टीम को जीत दिलाई है. यही कारण है कि 14 पारियों में 19 विकेट लेकर वो पर्पल कैप की रेस में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं.
मोहम्मद सिराज
इनके अलावा टीम की गेंदबाजी अटैक का सबसे अहम भारतीय हिस्सा मोहम्मद सिराज ने भी दमदार निरंतरता के साथ बल्लेबाजों को परेशान किया है और टीम की सफलता में योगदान दिया है. चेन्नई के खिलाफ उनके 10 गेंदों में 3 विकेट ने ही 89 रन की जीत की बुनियाद रखी. कुल मिलाकर उन्होंने 14 पारियों में 17 विकेट लिए हैं और टॉप-10 में शामिल हैं. इसके अलावा उन्होंने सबसे ज्यादा 148 डॉट बॉल डाली हैं.