क्रिकेट में क्या होती बॉल टैंपरिंग? जानिए इसके तरीके और नियम

What is Ball Tampering in Cricket: 29 मार्च को पाकिस्तान सुपर लीग 2026 के छठे मुकाबले में लाहौर कलंदर्स के खिलाड़ी फखर जमान ने कुछ ऐसा कर दिया, जिससे उनके ऊपर गेंद से छेड़छाड़ के आरोप लगाए जा रहे हैं।

सरल शब्दों में कहें तो बॉल टैंपरिंग के शक में उनका नाम आ रहा है। कराची किंग्स की पारी के आखिरी ओवर के पहले फखर ने गेंद के साथ कुछ हरकत की, जिसे अंपायर ने देख लिया। इसके बाद, फील्डिंग टीम पर पांच रन की पेनल्टी भी लगाई।

मुकाबले में कराची किंग्स को जीत के लिए अंतिम ओवर में 14 रन बनाने थे और उसके पांच विकेट शेष थे।  की हरकत के कारण लगी पेनल्टी से जरूरी रन 9 ही रह गए और कराची ने आसानी से मैच जीत लिया। मैच भले ही खत्म हो गया, लेकिन बॉल टैंपरिंग (Ball Tampering) की चर्चा अभी तक हो रही है। तो चलिए आपको बताते हैं कि क्रिकेट में गेंद से छेड़छाड़ या बॉल टैंपरिंग क्या होती है।

क्रिकेट के खेल में बॉल टैंपरिंग की परिभाषा

बॉल टैंपरिंग (Ball Tampering) क्रिकेट में गेंद की प्राकृतिक स्थिति (condition) को जानबूझकर बदलना होता है ताकि गेंदबाज को अतिरिक्त स्विंग या रिवर्स स्विंग मिल सके। आमतौर पर फील्डिंग साइड ऐसा तब करती है, जब उसके गेंदबाज जूझ रहे होते हैं या फिर अतिरिक्त फायदा उठाने का इरादा होता है। बॉल टैंपरिंग को अपराध माना जाता है क्योंकि यह खेल की भावना का उल्लंघन करता है। बॉल की सतह को बदलने से गेंदबाज को लाभ मिलता है, जिससे बल्लेबाज के लिए गेंद को मारना मुश्किल हो जाता है। यह गेंदबाजी टीम के लिए असमान लाभ पैदा करता है।

क्रिकेट में ऐसे कई मामले हुए हैं, जब गेंद से छेड़छाड़ (Ball Tampering) के मामले सामने आए हैं। साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण अफ्रीका दौरे को कौन भूल सकता है, जिसमें खेले टेस्ट मुकाबले के दौरान कप्तान , डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट को बॉल टैंपरिंग का दोषी पाया गया था और कड़ी सजा भी दी गई थी।

बॉल टैंपरिंग के कौन से तरीके होते हैं?

क्रिकेट के खेल में बॉल टैंपरिंग (Ball Tampering) के एक नहीं, बल्कि अलग-अलग तरीके हैं। गेंद को किसी नुकीली चीज से रगड़ना, ब्लेड, बोतल का ढक्कन या सैंडपेपर से उसकी कंडीशन को खराब करना, गेंद पर लार या किसी बाहरी पदार्थ (Chewing Gum, मिठाई आदि) लगाना, गेंद की सिलाई (Seam) को नुकसान पहुंचाना अदि शामिल हैं।

हालांकि, लार लगाने की अनुमति ICC ने दे रखी है, लेकिन अन्य चीजों की इजाज़त नहीं है। इसी वजह से जब कोई खिलाड़ी इस तरह की हरकत करता है तो फिर उसे नियमों के उल्लंघन का दोषी माना जाता है और सजा भी मिलती है।

Ball tampering को लेकर ICC के नियम

ने पहले बॉल टैंपरिंग (Ball Tampering) को लेकर ज्यादा सख्त नियम नहीं रखे थे और अगर कोई खिलाड़ी दोषी पाया जाता था तो उस पर मैच फीस का जुर्माना या एक-दो मैच का बैन लगा दिया जाता था लेकिन जब 2018 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने सैंडपेपर कांड किया तो इसको लेकर नियमों में भी बदलाव और सख्ती अपनाई गई। अब क्रिकेट में बॉल टैंपरिंग ICC के कोड ऑफ कंडक्ट लेवल 3 का अपराध है।

इस अपराध के दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ी को अब छह टेस्ट मैचों या 12 वनडे मैचों तक प्रतिबंधित किया जा सकता है। गेंद की स्थिति को बदलना, जो पहले एक लेवल 2 अपराध था, अब एक लेवल 3 अपराध है। लेवल 3 अपराधों के लिए दंड भी कड़े किए गए हैं: जहां पहले इससे किसी खिलाड़ी को आठ निलंबन अंक मिलते थे – जिससे अधिकतम चार टेस्ट मैच या आठ वनडे मैच के लिए प्रतिबंध लग सकता था – अब इससे 12 निलंबन अंक मिलेंगे।

वहीं, अगर ऑन फील्ड सजा की बात की जाए तो अगर अंपायर को लगता है कि गेंद की स्थिति में बदलाव (Ball Tampering) जानबूझकर किया गया है तो वह बॉल को बदलने का फैसला ले सकते हैं। वहीं, फील्डिंग टीम के कप्तान को चेतावनी भी दी जाएगी, साथ ही 5 रन की पेनल्टी भी लगाई जा सकती है।

 

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