एशियाई खेल : भारतीय मुक्केबाजों की स्वर्णिम हैट्रिक, लवलीना के बाद परवीन व अंकुश ने भी जड़े गोल्डन पंच

निशियो, दो अक्टूबर। भारतीय मुक्केबाजों ने यहां 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) में शुक्रवार को स्वर्णिम हैट्रिक जमाई। निशियो जिम्नेजियम में दिन की शुरुआत ओलम्पिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम भार वर्ग से की और उसके बाद परवीन हुड्डा (65 किग्रा) व अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने भी गोल्डन पंच जड़ दिए।

लवलीना व परवीन ने महिला मुक्केबाजी में स्वर्ण का 12 वर्षों का इंतजार खत्म किया

देखा जाए तो लवलीना और परवीन ने अपने-अपने फाइनल में जीत दर्ज करते हुए महिला मुक्केबाजी के स्वर्ण के लिए देश का 12 वर्षों का इंतजार खत्म किया। दोनों ने मजबूत दावेदार मानी जा रही अपनी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अलग-अलग अंदाज में शानदार जीत दर्ज की।

 

 

अंकुश पंघाल की कोरियाई मुक्केबाज पर एकतरफा जीत

वहीं अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर स्वर्ण पदक से मौजूदा संस्करण में भारतीय अभियान का समापन किया।

मुक्केबाजों ने पहली बार एशियाड में 3 स्वर्ण जीते

वस्तुतः भारत ने एशियाई खेलों में पहली बार तीन स्वर्ण पदक जीते और तीन कांस्य सहित कुल छह पदक जीते। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्वांग्झू 2010 चरण में रहा, जिसमें भारतीय मुक्केबाजों ने दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य से कुल नौ पदक जीते थे।

 

 

लवलीना ने 29वें जन्मदिन पर गोल्डन तोहफा पाया

भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल ओलम्पिक पदक विजेता लवलीना ने अपने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया।

लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’

 

 

परवीन की चीनी ताइपे की नियेन चिन पर कठिन जीत

परवीन ने इसके बाद पेरिस ओलम्पिक की कांस्य पदक विजेता चीनी ताइपे की नियेन चिन चेन को कड़े मुकाबले में 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर इन खेलों का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ लवलीना व परवीन एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली भारतीय महिला मुक्केबाजों की विशिष्ट श्रेणी में शामिल हो गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मेरी कॉम (51 किग्रा) ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था।

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