ईशान किशन न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे और तीसरे टी20 में चोटिल होने के कारण नहीं खेले। पहले मैच में उनके दाहिने पांव की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। 28 वर्षीय ईशान चौथे टी20 में खेलेंगे या नहीं, अभी कंफर्म नहीं है।
हालांकि, भारतीय फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट ईशान की वापसी पर टीम कॉम्बिनेशन को लेकर जमकर चर्चा कर रहे हैं। ईशान के फिट होने पर प्लेइंग इलेवन से कौन बाहर होगा? यह एक अहम सवाल है। इस बीच भारत के पूर्व बल्लेबाज और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने टीम इंडिया को रोटेशन पॉलिसी अपनाने की सलाह दी है, जिससे खिलाड़ियों को दिल नहीं टूटेगा। 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी दूसरे मैच में तीसरे नंबर पर उतरे थे लेकिन फ्लॉप रहे। भारतीय टीम मैनेजमेंट ने तीसरे मुकाबले में संजू सैमसन को नंबर-3 पर उतारा जबकि वैभव और अभिषेक शर्मा ओपनिंग करने आए। दोनों ने वेलिंगटन में 133 रनों की दमदार ओपनिंग पार्टनरशिप की और भारत ने 13.2 ओवर में आसानी से 199 रनों का टारगेट चेज किया।
‘जब ईशान किशन फिट हो जाएंगे और…’
वैभव ने वेलिंगटन में 19 गेंदों में 45 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और इतने ही चौके हैं। अभिषेक ने 38 गेंदों में 9 चौकों और 11 छक्कों की मदद से 113 रनों की पारी खेली। आकाश ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, ”अभिषेक शर्मा ने शतक जमाया और वैभव सूर्यवंशी ने भी रन बनाए हैं। संजू सैमसन रन बनाते आ रहे हैं। जब ईशान किशन फिट हो जाएंगे और उपलब्ध होंगे तो कौन बाहर जाएगा। ईशान को तो अंदर आना है। यहीं पर भारतीय टीम को थोड़ा सोचना चाहिए। टीम अगस्त से दिसंबर 16 T20I खेल रही है। तीन अफगानिस्तान से खेले, वेस्टइंडीज से पांच मुकाबलों में भिड़े और अब न्यूजीलैंड में पांच मैचों की टी20 सीरीज खेल रहे हैं। दिसंबर में श्रीलंका से तीन टी20 खेलेंगे। ऐसे में आप इन चार खिलाड़ियों को आसानी से रोटेट कर सकते थे। आप तय कर सकते थे कि चार-पांच खिलने के बाद प्लेयर को ब्रेक देना ही होगा। ऐसे में सबको अपना-अपना रोल पता होता।”
‘क्लियर पॉलिसी होनी चाहिए ताकि हर किसी…’
पूर्व बल्लेबाज का मानना है कि टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन 2028 में होना है और भारत को वक्त बर्बाद किए बिना रोटेशन पॉलिसी पर अमल करने में हिचकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, ”भारतीय टीम अब उस स्थिति में पहुंच चुकी है कि वैभव को जब भी खिलाना है तो ओपन ही करवाना होगा। लॉजिकली किसी को भी बाहर बैठाना अनुचित होगा। फिर चाहे वह अभिषेक, संजू हों या ईशान। टी20 वर्ल्ड कप अभी दो साल दूर है। मुझे लगता है कि रोटेशन पॉलिसी को फॉलो करना चाहिए। इसके लिए क्लियर पॉलिसी होनी चाहिए। सार्वजनिक तौर पर भी इस बारे में स्पष्टता से बताएं कि हम यह कर रहे हैं ताकि हर किसी को पर्याप्त अवसर मिलें। यही एक तरीका है, जिससे आप सभी को तैयार भी कर सकते हैं। वरना कोई बेंच पर बैठा रहेगा और वह उस तरह बेहतर नहीं होगा।”