इंतजार करते-करते मोहम्मद शमी ने खत्म कर दिया करियर, सब कुछ ठीक चल रहा था फिर क्यों लिया संन्यास? ये रही वजह

नई दिल्ली: मोहम्मद शमी ने अपने 11 साल लंबे टेस्ट करियर को विराम देने का फैसला कर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम के जरिए अपने फैंस को यह खबर दी। हालांकि, शमी ने यह भी साफ कर दिया कि वह सिर्फ लाल गेंद के फॉर्मेट यानी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं।

क्रिकेट के मैदान से उनका नाता पूरी तरह नहीं टूटा है वह वनडे और टी20 में भारतीय टीम के लिए अपनी तेज गेंदबाजी का जलवा बिखेरना जारी रखेंगे।

मोहम्मद शमी का भावुक पोस्ट

सफेद जर्सी से विदा लेते हुए उन्होंने अपनी भावनाएं साझा कीं और बताया कि टेस्ट क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं, बल्कि जिंदगी का बेहद खास और अनमोल हिस्सा रहा है। अपनी इस लंबी और यादगार यात्रा में समर्थन देने के लिए उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। 2013 में अपना डेब्यू करने वाले शमी पिछले एक दशक से भी अधिक समय तक भारतीय पेस अटैक की रीढ़ बने रहे।

अचानक क्यों ले लिया रिटायरमेंट?

इस बड़े फैसले के पीछे सबसे अहम वजह उनकी फिटनेस और शरीर पर बढ़ता वर्कलोड रहा। साल 2023 के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद से ही वे टखने की गंभीर चोट और लंबी रिकवरी से जूझ रहे थे। हालांकि उन्होंने घरेलू मैचों में बंगाल की तरफ से वापसी की और अच्छी गेंदबाजी भी दिखाई, लेकिन सेलेक्टर्स अब लंबे टेस्ट दौरों के लिए युवा तेज गेंदबाजों पर अधिक भरोसा जता रहे हैं। ऐसे में पांच दिन के मैच का भारी तनाव झेलने के बजाय शमी ने अपनी फिटनेस को सीमित ओवरों के लिए संभाल कर रखना ज्यादा बेहतर समझा।

शानदार रहा मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर

शमी का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे असरदार और भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में गिना जाएगा खासकर विदेशी और मददगार पिचों पर उनकी रिवर्स स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ का कोई सानी नहीं था। आंकड़ों को देखें तो उन्होंने 64 टेस्ट मैचों की 122 पारियों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान 27.71 की बेहतरीन औसत, 3.30 की इकोनॉमी और 50.2 की शानदार स्ट्राइक रेट से कुल 229 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया।

अपने 11 साल के टेस्ट सफर में उन्होंने 6 बार एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट झटके। हालांकि वे किसी मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा तो नहीं कर सके लेकिन एक पारी में 56 रन देकर 6 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वहीं किसी एक टेस्ट मैच में 118 रन देकर 9 विकेट हासिल करना उनके करियर का सबसे बेहतरीन मैच स्पेल दर्ज हुआ।

Leave a Comment