पाकिस्तान की मेजबानी में खेली जा रही त्रिकोणीय वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में मेजबान टीम इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने बुरी तरह पस्त नजर आ रही है। रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार, 20 अक्टूबर को खेले जा रहे इस मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो उनके गेंदबाजों ने पूरी तरह सही साबित कर दिखाया।
पाकिस्तान की टीम ने 27 ओवर का खेल खत्म होने तक 100 रनों का आंकड़ा तो पार कर लिया, लेकिन आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी।
पहले मैच में श्रीलंका को हराने वाली पाकिस्तानी टीम अपने घरेलू मैदान पर दबाव में घिर गई, जिसकी सबसे बड़ी वजह स्टार बल्लेबाज बाबर आजम की बेहद सुस्त और गैर-जिम्मेदाराना पारी रही। पिछले मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ 57 गेंदों में 45 रन बनाने वाले बाबर इस बार भी लय हासिल नहीं कर सके और महज 65.38 की स्ट्राइक रेट से 52 गेंदों में 34 रन बनाकर आउट हो गए। इस सुस्त पारी के दौरान उन्होंने केवल 4 चौके लगाए और रावलपिंडी की पाटा पिच पर भी स्ट्राइक रोटेट करने के लिए जूझते नजर आए।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि बाबर आजम की यह कछुआ चाल बल्लेबाजी भले ही उनके व्यक्तिगत औसत को संवार देती हो, लेकिन आधुनिक एकदिवसीय क्रिकेट में इसका सीधा नुकसान टीम के कुल स्कोर और मोमेंटम को भुगतना पड़ता है। हालांकि, लंबे करियर में बाबर के आंकड़े प्रभावशाली रहे हैं; उन्होंने 145 वनडे की 142 पारियों में 53.21 की औसत से 6705 रन बनाए हैं, जिसमें 20 शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं। उनके नाम टेस्ट में 4771 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 4596 रन दर्ज हैं, मगर मौजूदा फॉर्म में उनका सुस्त स्ट्राइक रेट टीम के लिए चिंता का सबब बन गया है। वहीं दूसरी ओर, इस मुकाबले में लक्ष्य का पीछा करने उतरने वाली इंग्लैंड टीम के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट के पास एक बड़ा व्यक्तिगत मील का पत्थर हासिल करने का मौका रहेगा, क्योंकि वह अपने वनडे करियर में 8000 रन का आंकड़ा छूने से महज 97 रन दूर हैं।