भारतीय क्रिकेट के सबसे युवा और उभरते हुए सितारे वैभव सूर्यवंशी के लिए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 बहुत खास नहीं गुजरा है. टूर्नामेंट से पहले अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़ी-बड़ी पारियों के कारण दुनियाभर में छाए 14 साल का ये युवा बल्लेबाज यहां वैसा कमाल नहीं दिखा सके. जहां वैभव ने अपने छोटे से करियर में बड़ी-बड़ी टीमों की धज्जियां उड़ाई हैं, वहीं पाकिस्तान के खिलाफ उनका बल्ला बहुत आग नहीं उगल सका है. वर्ल्ड कप के मैच में भी कुछ ऐसा ही रहा, जहां वैभव ने तूफानी शुरुआत तो की लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल सके.
बुलावायो में रविवार 1 फरवरी को भारत और पाकिस्तान की टीमें वर्ल्ड कप के सुपर-6 राउंड में आमने-सामने थीं. इस मैच में भारतीय टीम पहले बैटिंग के लिए उतरी. हमेशा की तरह वैभव और ऐरन जॉर्ज से बेहतरीन शुरुआत की उम्मीद टीम को थी और दोनों इसमें सफल होते दिखे. शुरुआती 2-3 ओवर में संभलकर खेलने के बाद दोनों ने हाथ खोले. खास तौर पर बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव ने तो बाउंड्री की बारिश कर दी. उन्होंने चौथे ओवर में 2 चौके लगाए और फिर सातवें ओवर में लगातार गेंदों पर चौका और छक्का ठोक दिया.
मगर 8वें ओवर में अचानक सबकुछ बदल गया और इसकी शुरुआत वैभव के साथ हुई. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सयाम के इस ओवर में वैभव ने लगातार 2 गेंदों में पाकिस्तान को 3 बार अपना विकेट दिया. जी हां, 2 गेंदों में वैभव ने 3 बार पाकिस्तान के लिए मौके बनाए. ओवर की तीसरी गेंद पर वैभव ने पुल कर दिया लेकिन गेंद मिडविकेट पर ही हवा में ऊंची उठ गई. फील्डर ने इस आसान कैच को टपकाकर वैभव को जीवनदान दे दिया. मगर इस दौरान दोनों भारतीय बल्लेबाजों के बीच रन को लेकर कंफ्यूजन हुआ और वैभव क्रीज से काफी बाहर थे. कैच छोड़ने वाले फील्डर ने गेंद को थ्रो किया लेकिन वहां कीपर मौजूद नहीं था और दूसरे फील्डर ने रन आउट का आसान मौका भी गंवा दिया.
एक ही गेंद पर 2 बार आउट होने से बचने पर वैभव और भारतीय फैंस ने राहत की सांस ली होगी, जबकि पाकिस्तानी खेमे में घबराहट होने लगी होगी. मगर अगली ही गेंद पर वैभव ने फिर वही शॉट खेला. इस बार वो इसमें सफल नहीं हुए और बल्ले का किनारा लेकर गेंद विकेटकीपर के ग्लव्स में चली गई. इस तरह 2 गेंदों में 3 मौके देकर वैभव ने अपना विकेट गंवा दिया. वो 22 गेंदों में 30 रन बनाकर आउट हुए. पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीसरे मैच में उनका बल्ला नहीं चला है. इससे पहले एशिया कप के 2 मैच में वो 5 और 26 रन के स्कोर ही कर सके थे.
वैभव के आउट होने का टीम इंडिया पर जबरदस्त असर पड़ा क्योंकि यहां पर विकेट का पतझड़ लग गया. सिर्फ 4 गेंदों के अंदर टीम इंडिया ने 3 विकेट गंवा दिए. 8वें ओवर की चौथी गेंद पर वैभव आउट हुए और फिर अगली 2 गेंदों पर नए बल्लेबाज कप्तान आयुष म्हात्रे खाता खोले बिना उसी गेंदबाज का शिकार हो गए. इस तरह म्हात्रे का भी खराब प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा. वहीं अगले ओवर की पहली ही गेंद पर दूसरे ओपनर ऐरन जॉर्ज (16) क्लीन बोल्ड हो गए. इस तरह टीम इंडिया का स्कोर 47/0 से अचानक 47/3 हो गया.