वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर ने मचाया गदर, कप्तानी पारी खेलते हुए 143 गेंदों में ठोक दिए 173 रन

वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। वीनू मांकड़ ट्रॉफी में आर्यवीर ने ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए 143 गेंदों में 173 रन बनाए। उनकी इस पारी की बदौलत दिल्ली की टीम ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 289 रन बनाए।

कप्तान ने साथी ओपनर अर्नव बुग्गा के साथ टीम को एक सम्मानजनकर स्कोर तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। शुक्रवार को डॉ. पीवीजी राजू एसीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चंडीगढ़ के खिलाफ मैच में सहवाग ने 19 चौके और 8 छक्के लगाए।

आर्यवीर ने खेली कप्तानी पारी

आर्यवीर वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। टूर्नामेंट का आगाज 8 अक्टूबर से विशाखापट्टनम में हुआ। दिल्ली का कप्तान बनने से पहले उन्होंने सितंबर में राजकोट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में भारत के लिए अंडर-19 डेब्यू किया था। कर्नाटक के खिलाफ पिछले मैच में दिल्ली की टीम ने 418 रन लुटाए थे। और टीम 220 रन पर आउट हो गई। आर्यवीर ने 32 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाए। लेकिन शुक्रवार को उन्होंने शानदार वापसी की।

पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली के लिए अर्नव और आर्यवीर ने पहले विकेट के लिए 98 रन जोड़े। अर्नव को रूपेश ने पवेलियन का रास्ता दिखाया। दूसरा विकेट गिरने के बाद आर्यवीर और अभिराज सिंह ने तीसरे विकेट के लिए 48 रन की साझेदारी की।

दिल्ली की टीम ने 179 के स्कोर तक चार विकेट गंवा दिए थे, इसके बाद शांतनु यादव ने पांचवें विकेट के लिए 89 रन जोड़ दिए। 46वें ओवर में श्रेष्ठ दुग्गल ने आर्यवीर को 173 रन पर आउट किया। जिसके बाद दिल्ली की टीम पूरे ओवर खत्म होने के बाद 6 विकेट पर 289 रन बना सकी। आर्यवीर ने 19 चौके और 8 छक्के लगाए। चंडीगढ़ की ओर से रूपेश ने दो विकेट लिए। इससे पहले आर्यवीर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की यूथ वनडे सीरीज में तीन मैचों में 109 रन बनाए। उन्होंने बारिश से प्रभावित मैच में 26 गेंदों में 28 रन बनाकर भारत को सात रन की जीत दिलाने में मदद की।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 17,253 रन बनाने वाले वीरेंद्र सहवाग ने हाल ही में कहा कि अगर कोई खिलाड़ी शीर्ष स्तर के क्रिकेट में खेलने के लिए पर्याप्त प्रतिभाशाली है, तो उसकी उम्र को लेकर चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयु वर्ग के टूर्नामेंट में उम्र के नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन आईपीएल या भारतीय टीम में खेलने के दौरान प्रदर्शन ही सबसे ज्यादा मायने रखता है।

उन्होंने कहा, “आप अगर किसी आयु वर्ग की प्रतियोगिता में खेल रहे हैं, तो नियमों के मुताबिक आपकी उम्र होनी चाहिए। अंडर-19 में खेल रहे हैं, तो आपकी उम्र 19 साल से कम होनी चाहिए। लेकिन जब आप आईपीएल या भारत के लिए खेलते हैं, तो उम्र मायने नहीं रखती। 38 या 40 साल के विराट कोहली खेल रहे हैं और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भी। ऐसे में प्रदर्शन सबसे अहम है।”

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