बांग्लादेश में बड़ा बवाल, अपने ही देश के लिए नहीं खेलेंगे खिलाड़ी! रखी ये बड़ी डिमांड

टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर भारत-बांग्लादेश के बीच बवाल अभी भी जारी है. बांग्लादेश क्रिकेट बॉर्ड ने अपनी टीम को भारत ना भेजने का मन बनाया है और आईसीसी से अपने मैचों के वेन्यू को बदलने के लिए कहा है. हालांकि, ऐसा होता नजर वहीं आ रहा है. इसी बीच बांग्लादेश के खिलाड़ी की अपने क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ खड़े होते नजर आ रहे हैं. जिसकी वजह बीसीबी फाइनेंस कमेटी के अध्यक्ष नजमुल हसन का एक विवादित बयान है, जो उन्होंने हाल ही में अपने खिलाड़ियों पर दिया था.

BCB के खिलाफ खड़े हुए बांग्लादेशी खिलाड़ी

बांग्लादेश क्रिकेट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (CWAB) ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया कि अगर बीसीबी के फाइनेंस कमिटी चेयरमैन नजमुल हसन गुरुवार (15 जनवरी) को होने वाले अगले बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) मैच से पहले अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तो खिलाड़ी आगे क्रिकेट नहीं खेलेंगे. यह धमकी तब आई जब नजमुल हसन ने खिलाड़ियों पर तीखा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होता है, तो बोर्ड को कोई वित्तीय नुकसान नहीं होगा. नुकसान सिर्फ खिलाड़ियों का होगा, क्योंकि वे मैच फीस नहीं पाएंगे. इससे पहले नजमुल ने पूर्व कप्तान तमिम इकबाल को भारतीय एजेंट कहकर हमला किया था. तमिम ने बोर्ड से टी20 वर्ल्ड कप में भारत जाने के फैसले पर सावधानी बरतने और क्रिकेट को प्राथमिकता देने की सलाह दी थी, जिसके बाद नजमुल ने उन्हें भारतीय प्रोपगैंडा का हिस्सा बताया था.

नजमुल हसन के इस बयान पर मचा बवाल

नजमुल हसन ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप पर बात करते हुए कहा, वर्ल्ड कप में भाग न लेने से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को कोई नुकसान नहीं होगा, नुकसान खिलाड़ियों का होगा. 2027 तक हमारी आय पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि 2022 की आईसीसी वित्तीय बैठक में यह पहले ही तय हो चुका था. खिलाड़ियों को नुकसान होगा क्योंकि जब वह खेलते हैं, तो उन्हें हर मैच के लिए मैच फीस मिलती है. अगर कोई खिलाड़ी मैच में हिस्सा लेता है, मैन ऑफ द मैच बनता है, या कोई विशेष प्रदर्शन करता है, तो आईसीसी के नियमों और मैच विनियमों के अनुसार उसे उसका हक मिलता है. वह पैसा पूरी तरह से खिलाड़ी का होता है. बांग्लादेश यहां खेले या न खेले, बोर्ड को इससे कोई फायदा या हानि नहीं है, कम से कम इस वर्ल्ड कप के लिए तो नहीं.

इसके बाद उन्होंने खिलाड़ियों को मुआवजे देने पर बात करते हुए गुस्से में पूछा, हमें मुआवजा क्यों देना चाहिए? अगर वह कहीं जाकर कुछ नहीं कर पाते, तो उनके पीछे खर्च किए गए करोड़ों रुपए क्या हम उनसे वापस मांगेंगे? क्या हम मांगेंगे? मुझे जवाब दीजिए.उन्होंने आगे कहा कि बोर्ड के बिना खिलाड़ियों का गुजारा करना मुश्किल होगा. नजमुल हसन ने कहा, अब इसे इस तरह समझिए, अगर बोर्ड ही न हो तो क्या खिलाड़ी रह पाएंगे? इसका जवाब दीजिए. आप सिर्फ एक ही पहलू से सोच रहे हैं.नजमुल हसन के इस बयान के बाद ही क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (CWAB) ने ये बड़ा ऐलान किया है.