बदल जाएगा टेस्ट मैच की गेंद का रंग! ICC ने बनाया बड़ा प्लान

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में मुख्यत: दो तरह की गेंद का इस्तेमाल किया जाता है. सीमित ओवर के क्रिकेट में सफेद रंग की गेंद का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि टेस्ट क्रिकेट में रेड बॉल का उपयोग होता है.

लेकिन अब लॉन्ग फॉर्मेट में गेंद का रंग बदलने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बड़ा प्लान तैयार कर लिया है.

गुरुवार (01 अक्टूबर) को आईसीसी ने एक रिलीज जारी की, जिसमें कई बदलावों को लेकर बात की गई. इसी में टेस्ट क्रिकेट की गेंद का रंग बदलने पर भी बताया गया. बता दें कि क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में लाल के साथ-साथ गुलाबी गेंद का भी इस्तेमाल हो रहा है.

2015 से हो रहे पिंक बॉल टेस्ट

गुलाबी गेंद से होने वाले यानी पिंक बॉल टेस्ट की शुरुआत 2015 से हुई. फिलहाल पिंक बॉल का इस्तेमाल सिर्फ डे-नाइट टेस्ट में ही किया जा रहा है. लेकिन अब इसमें बदलाव हो सकता है. अब पिंक बॉल का उपयोग डे-टेस्ट के लिए भी किया जा सकता है.

डे-टेस्ट के लिए पिंक बॉल का ट्रायल, ICC का प्लान

क्रिकेट की गर्विंग बॉडी ने रिलीज में लिखा, “ट्रायल के रूप में, पिंक बॉल को डे-टाइम टेस्ट में आपसी सहमति से खराब लाइट के चलते दिन का खेल बचाने के लिए उपयोग किया जा सकता है.”

बदल नहीं सकता फैसला

रिलीज में आगे लिखा गया, “टेस्ट की शुरुआत से पहले ही गुलाबी गेंद के इस्तेमाल पर सहमति बननी चाहिए और एक बार सहमति बनने के बाद, मैच के दौरान वही नियम लागू रहना चाहिए.”

आगे लिखा गया, “मैच शुरू होने के बाद फैसले को बदला नहीं जा सकता है. मैच शुरू होने के बाद लाल गेंद से गुलाबी गेंद में स्विच करने की भी मंजूर नहीं होगी.”

कोई तारीख तय नहीं

रिलीज में ऐसी किसी तारीख का जिक्र नहीं किया गया कि कब से डे-टेस्ट में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल ट्रायल के रूप में शुरू होगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि आईसीसी इस नियम को कब से लागू करता है. उससे पहले यह देखना होगा कि ट्र्रायल का नतीजा क्या निकलकर आता है.

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