टी20 वर्ल्ड कप 2026 का इंतजार खत्म होने वाला है लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े बवाल खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं. टूर्नामेंट शुरू होने में एक हफ्ते से भी कम वक्त बचा है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक इसमें हिस्सेदारी को लेकर अपना जवाब नहीं दिया है. इस पर तो विवाद छिड़ा ही है लेकिन इस बीच पाकिस्तानी टीम के एक गेंदबाज पर बेईमानी के आरोप लगने लगे हैं. टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुने गए पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक एक बार फिर अपने बॉलिंग एक्शन के कारण विवादों में हैं और इस बार उन पर बीच मैच में आरोप लग गए हैं.
वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज के दूसरे मैच के दौरान उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन को लेकर सवाल उठ गया. हुआ यूं कि ऑस्ट्रेलिया की पारी के दौरान कैमरन ग्रीन बैटिंग कर रहे थे और ताबड़तोड़ रन बटोर रहे थे. फिर 11वें ओवर में स्पिनर तारिक बॉलिंग पर आए और चौथी ही गेंद पर उन्होंने ग्रीन को आउट कर दिया. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवाया.
इसके बाद बवाल शुरू हुआ. आउट होकर पवेलियन लौट रहे कैमरन ग्रीन ने बाउंड्री पार करते हुए पत्थर फेंकने की नकल करते हुए अपनी भड़ास निकाली. मगर असल में इस नकल से ग्रीन ने स्पिनर उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर सवाल खड़े किए, जो अक्सर विवादों में रहा है. ग्रीन की इस हरकत ने बवाल खड़ा कर दिया और तारिक को सरे आम सोशल मीडिया पर भी बेईमान बताया जाने लगा. वहीं कुछ यूजर्स ने ग्रीन को ही सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए इसे खेल भावना के खिलाफ बताया.
Cameron Green after getting out was clearly indicating the straightening of usman tariq arm while bowling. Ffs ICC ban him he is chucking it is clearly against the rules of the game pic.twitter.com/lRwpINfDP9
— Mustafa (@mustafamasood0) January 31, 2026
असल में दाएं हाथ के ऑफ ब्रेक बॉलर तारिक का एक्शन सामान्य स्पिनर्स की तरह नहीं है. वो बॉल फेंकने से पहले थोड़ा रुकते हैं और फिर हाथ को कंधे के ऊपर से लेकर आने के बजाए साइड से लेकर आते हैं. ये कुछ ऐसा ही है, जैसे कोई भी शख्स पत्थर फेंकता है. मगर वो ऐसे गेंदबाजी करने वाले कोई पहले खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि ये कुछ वैसा ही है जैसे लसिथ मलिंगा गेंदबाजी करते थे. वहीं भारत की ओर से केदार जाधव और रियान पराग भी ऐसे गेंदबाजी करते रहे हैं. इतना ही नहीं, तारिक के एक्शन की दो बार ICC ने जांच भी की है और उसे सही पाया गया है.