टीम इंडिया के पूर्व बैटर अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने अपनी एक ऑल-टाइम इंडियन टेस्ट XI चुनी है. लेकिन, उनके सिलेक्शन ने सबको हैरान कर दिया है. वजह कि उन्होंने इस टीम में विराट कोहली (Virat Kohli) और जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) को ही नहीं रखा है.
रहाणे ने जुलाई 2026 में ही क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था. उन्होंने नंबर 4 पर कोहली की जगह सचिन तेंदुलकर को चुना. वहीं, पेस अटैक में मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा और भुवनेश्वर कुमार को रखा. बुमराह को यहां जगह नहीं मिली.
रहाणे ने ये टीम सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क से बातचीत में चुनी. उनके सामने एक शर्त थी. उन्हें अपनी ऑल-टाइम टेस्ट XI में उन्हीं खिलाड़ियों को चुनना था, जिनके साथ वो इंटरनेशनल या डोमेस्टिक क्रिकेट खेल चुके हैं. उनकी इस टीम में रोहित शर्मा भी नहीं हैं. ओपनिंग के लिए उन्होंने मुरली विजय और शिखर धवन पर दांव लगाया है.
भारत के पूर्व उप-कप्तान ने नंबर 3 पर राहुल द्रविड़ को रखा. नंबर 4 की जगह सचिन तेंदुलकर को दी. नंबर 5 पर खुद अजिंक्य रहाणे हैं. वहीं, नंबर 6 पर पूर्व कप्तान एमएस धोनी को जगह मिली है. धोनी को ही उन्होंने इस टीम का कप्तान और विकेटकीपर भी बनाया है. स्पिन ऑलराउंडर के तौर पर रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन को चुना गया है. वहीं, तेज गेंदबाजी की कमान भुवनेश्वर, शमी और इशांत के हाथों में दी गई है.
रहाणे खुद टीम में, धोनी कप्तान
रहाणे ने इस टीम में खुद को भी शामिल किया है. उन्होंने भारत की सफल टेस्ट टीमों का हिस्सा रहे अपने कई पुराने साथियों को भी चुना. खुद को मिडिल ऑर्डर में रखा. वहीं, धोनी को कप्तान और विकेटकीपर बनाकर टीम की कमान सौंपी.
टीम में धोनी का होना एकदम खास है. पूर्व भारतीय कप्तान के साथ रहाणे का पर्सनल कनेक्शन रहा है. इंटरनेशनल क्रिकेट में धोनी ही रहाणे के पहले कप्तान थे. इसी वजह से रहाणे ने अपनी ‘ऑल-टाइम’ टीम की कप्तानी के लिए धोनी को चुना. ओपनिंग के लिए विजय और धवन को चुना. ये दोनों वो खिलाड़ी हैं, जिनके साथ रहाणे ने अपने करियर में ड्रेसिंग रूम शेयर किया था. वहीं, बैटिंग ऑर्डर में अगली दो जगहें द्रविड़ और तेंदुलकर को मिलीं.
कोहली, बुमराह को नहीं दी जगह
पिछले 10 सालों में भारतीय टेस्ट टीम के लिए कोहली और रोहित का रोल बहुत अहम रहा है. ऐसे में उन्हें टीम में न रखना काफी चौंकाता है. साथ ही रहाणे के पेसर्स के सिलेक्शन ने भी सबको चौंका दिया. उन्होंने भुवनेश्वर, शमी और इशांत को तो चुना. लेकिन बुमराह को बाहर कर दिया.
चुने गए ये तीनों पेसर्स उस भारतीय टीम का हिस्सा थे, जिसने 2010 के दशक के आखिर में खतरनाक पेस अटैक तैयार किया था. विदेशों में टेस्ट क्रिकेट में भारत की कामयाबी में इनका बड़ा रोल रहा. खासकर तब, जब टीम ने घर के बाहर लगातार जीतना शुरू किया था.
वहीं, बुमराह भारत के सबसे प्रमुख तेज गेंदबाजों में से एक बनकर उभरे हैं. हाल के सालों में वो टेस्ट टीम का अहम हिस्सा रहे हैं. अश्विन और जडेजा को स्पिन ऑलराउंडर के तौर पर चुना गया. इस तरह बनी इस टीम में रहाणे के करियर के अलग-अलग दौर के कई पुराने साथी खिलाड़ी शामिल हो गए.
अजिंक्य रहाणे की ऑलटाइम इंडिया टेस्ट XI: मुरली विजय, शिखर धवन, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, अजिंक्य रहाणे, महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान/विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा.
रहाणे का इंटरनेशनल करियर
जुलाई में रहाणे ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. इसके साथ ही उनके करियर का अंत हो गया. उन्होंने तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. उन्होंने आखिरी बार 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी. इसके बाद उन्हें टेस्ट टीम से ड्रॉप कर दिया गया.
दाएं हाथ के इस बैटर ने 85 टेस्ट मैच खेले. इस दौरान 38.46 के औसत से उन्होंने 5077 रन बनाए. इसके अलावा, उन्होंने 90 ODI और 20 T20I मैच भी खेले. इनमें उन्होंने क्रमशः 2,962 और 375 रन बनाए.
रहाणे कई सालों तक भारतीय टेस्ट टीम की जान रहे. ऑस्ट्रेलिया में 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उन्होंने कप्तानी भी की थी. एडिलेड में टीम पहला मैच हार गई और 36 रन पर ऑलआउट हो गई. लेकिन, इसके बाद रहाणे की कप्तानी में भारत ने ब्रिस्बेन में आखिरी टेस्ट जीता और सीरीज 2-1 से अपने नाम कर लिया था.