धोनी को ‘बिहारी’ कहकर चिढ़ाते थे युवराज, ड्रेसिंग रूम में हुआ विवाद

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन से टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाई हैं। दोनों खिलाड़ियों की दोस्ती और मैदान पर उनकी साझेदारियां क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चित रही हैं।

लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब युवराज सिंह ड्रेसिंग रूम में धोनी को बार-बार चिढ़ाया करते थे। पुराने क्रिकेट किस्सों के मुताबिक, युवराज धोनी को ‘बिहारी’ कहकर बुलाते थे। शुरुआत में धोनी उनकी बातों को मजाक में लेते रहे, लेकिन एक दिन उन्होंने युवराज से सीधे सवाल कर लिया। यह किस्सा वर्षों से क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय रहा है।

करियर की शुरुआत में धोनी को चिढ़ाते थे युवराज

महेंद्र सिंह धोनी ने दिसंबर 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस समय भारतीय टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे। युवराज सिंह पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके थे। धोनी जब टीम में नए थे, तब ड्रेसिंग रूम में वरिष्ठ खिलाड़ी उनके साथ हंसी-मजाक किया करते थे। युवराज सिंह भी इनमें शामिल थे। पुराने विवरणों के अनुसार, युवराज अक्सर धोनी को ‘बिहारी’ कहकर चिढ़ाते थे। धोनी झारखंड की राजधानी रांची से आते हैं। झारखंड का गठन वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर हुआ था। युवराज की इस टिप्पणी को ड्रेसिंग रूम में होने वाली मजाकिया बातचीत के रूप में बताया गया है।

चौके-छक्के लगाने पर भी करते थे टिप्पणी

धोनी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती दौर में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर हुए थे। लंबे छक्के और तेज गति से रन बनाने की उनकी क्षमता ने क्रिकेट प्रशंसकों को प्रभावित किया। युवराज सिंह उन्हें केवल बड़े शॉट लगाने के बजाय मैच जिताने वाली पारी खेलने की अहमियत समझाते थे। पुराने किस्सों के मुताबिक, युवराज कहा करते थे कि चौके-छक्के लगाना ही काफी नहीं है, असली महत्व टीम को जीत दिलाने का है। धोनी ने समय के साथ अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता दिखाई और कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में भारत को जीत दिलाई। इसके बाद भी युवराज उन्हें टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने की चुनौती देते रहे।

जब धोनी ने युवराज से पूछ लिया सवाल

लगातार चिढ़ाए जाने के बाद एक दिन धोनी ने युवराज सिंह से सीधे सवाल किया। प्रचलित किस्से के अनुसार, धोनी ने उनसे पूछा कि वह हमेशा इतने गुस्से में क्यों रहते हैं।बताया जाता है कि धोनी के इस जवाब के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच बातचीत का अंदाज बदल गया। आगे चलकर दोनों की दोस्ती और मजबूत हुई। इस घटना का कोई स्वतंत्र वीडियो रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। यह विवरण मुख्य रूप से पुराने क्रिकेट किस्सों और प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित है। इसलिए इसे हाल में हुई घटना या नए खुलासे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

मैदान पर दोनों की जोड़ी ने किया कमाल

महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह ने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। मध्यक्रम में दोनों बल्लेबाजों की मौजूदगी टीम के लिए महत्वपूर्ण रही। युवराज जहां आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे, वहीं धोनी ने विकेटकीपिंग, कप्तानी और मैच समाप्त करने की अपनी क्षमता से विशेष पहचान बनाई। दोनों खिलाड़ी वर्ष 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। इस टूर्नामेंट में युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाकर इतिहास रचा था। धोनी की कप्तानी में भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता। इस उपलब्धि ने भारतीय क्रिकेट में एक नए दौर की शुरुआत की।

2011 विश्व कप में भी निभाई अहम भूमिका

साल 2011 का वनडे विश्व कप दोनों खिलाड़ियों के करियर का महत्वपूर्ण अध्याय रहा। भारतीय टीम ने धोनी की कप्तानी में श्रीलंका को हराकर 28 वर्षों के बाद विश्व कप जीता। इस टूर्नामेंट में युवराज सिंह ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। वहीं फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी ने नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। धोनी ने विजयी छक्का लगाकर मुकाबला समाप्त किया। विश्व कप फाइनल में धोनी ने युवराज सिंह से पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था। इस फैसले ने भी क्रिकेट इतिहास में विशेष स्थान बनाया।

दोस्ती और विवादों को लेकर भी होती रही चर्चा

धोनी और युवराज सिंह के संबंधों को लेकर समय-समय पर अलग-अलग बयान सामने आते रहे हैं। युवराज के पिता योगराज सिंह ने पूर्व में धोनी पर उनके बेटे के क्रिकेट करियर को प्रभावित करने के आरोप लगाए थे। मार्च 2026 में भारतीय टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने स्पष्ट किया कि धोनी ने कभी युवराज सिंह को टीम से बाहर करने के लिए नहीं कहा था। उन्होंने चयन प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों का खंडन किया। ड्रेसिंग रूम में ‘बिहारी’ कहकर चिढ़ाने वाला पुराना किस्सा दोनों खिलाड़ियों के शुरुआती संबंधों का एक चर्चित हिस्सा है। इसके बावजूद मैदान पर उनकी साझेदारियों और भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीतों में दोनों के योगदान को क्रिकेट प्रशंसक आज भी याद करते हैं।

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