नई दिल्ली: हार्दिक पांड्या का प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी का इंतज़ार अभी और लंबा हो सकता है। एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, वह अगले साल मार्च में शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) तक मैदान पर नहीं लौट पाएंगे।
भारतीय ऑलराउंडर अभी भी अपनी पिंडली (calf) के अंदरूनी हिस्से में लगी ‘स्ट्रेस इंजरी’ से उबर रहे हैं।
‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 32 वर्षीय खिलाड़ी अभी बेंगलुरु में बीसीसीआई के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (CoE) में रिहैबिलिटेशन से गुज़र रहे हैं। उनकी वापसी इस बात पर निर्भर करेगी कि वह एक चरणबद्ध फिटनेस प्रोग्राम में कितनी प्रगति करते हैं। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि पिछले हफ्ते डॉ. दिनशॉ पारदीवाला ने पांड्या की मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा की थी।
रिहैबिलिटेशन प्लान के अनुसार, पांड्या तीन हफ्ते बाद जॉगिंग शुरू कर सकते हैं। इसके बाद, अगले आठ हफ्तों में धीरे-धीरे उनके दौड़ने का वर्कलोड बढ़ाया जाएगा। चोट वाली जगह पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, इसलिए मेडिकल सलाह के अनुसार उनकी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी बहुत सावधानी से बढ़ाया जा रहा है। वे पूरी तरह से मैच खेलने के लिए कब तक फिट होंगे, इसकी कोई समय-सीमा अभी तय नहीं की गई है।
इसका पांड्या और भारत के लिए क्या मतलब है?
अगर ऐसा होता है, तो पांड्या श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज से भी बाहर हो जाएंगे। वह 2026 में पहले ही काफी क्रिकेट मिस कर चुके हैं, जिसमें अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज, आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे (जिनमें भारत ने 11 मैच खेले – 8 T20I और 3 वनडे), जिम्बाब्वे दौरा (5 T20I), नई दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ 3 T20I, वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज (3 वनडे, 5 T20I), एशियन गेम्स 2026 और जापान के खिलाफ एक ऐतिहासिक T20I मैच शामिल हैं।
इसके अलावा, उन्हें न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए भी नहीं चुना गया था। साथ ही, 13 दिसंबर से शुरू होने वाली श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज़, या 3 जनवरी से शुरू होने वाली ज़िम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज़ में भी उनके खेलने की संभावना कम है। पांड्या ने आखिरी बार मई 2026 में आईपीएल के दौरान मुंबई इंडियंस के लिए कोई प्रतिस्पर्धी मैच खेला था। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच मार्च 2026 में T20 वर्ल्ड कप का फाइनल था।