टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के लिए अगले कुछ हफ्ते बहुत ही अहम होने जा रहे हैं. उनकी कोचिंग में टीम इंडिया पहली बार वर्ल्ड कप खेलने उतरेगी. 7 फरवरी से शुरू हो रहा टी20 वर्ल्ड कप 2026 गंभीर के लिए अग्निपरीक्षा की तरह होगा. मौजूदा चैंपियन टीम इंडिया को अभी भी इस खिताब का दावेदार माना जा रहा है और इस फॉर्मेट में उसका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है. मगर दो अन्य फॉर्मेट और खास तौर पर टेस्ट क्रिकेट के बिगड़ते नतीजों ने उन्हें सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. ऐसे में अब एक दिल्ली से ही आने वाले एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा है कि उनकी जिम्मेदारी तय करनी होगी और ऐसा नहीं हो सकता कि उन्हें हटाए जाने का खतरा महसूस न हो.
गौतम गंभीर 2024 में भारतीय टीम के हेड कोच बने थे और तब से ही टीम का प्रदर्शन टी20 क्रिकेट में कमाल का रहा है. मगर इसी दौरान भारतीय टीम वनडे और खास तौर पर टेस्ट क्रिकेट में पिछड़ती दिखी है. हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया को पहली बार घर में वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. वहीं, पिछले साल ही साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया को सालों बाद घर में टेस्ट सीरीज में शिकस्त मिली थी, जबकि उससे पहले 2024 में ही न्यूजीलैंड ने भारत आकर पहली बार टेस्ट सीरीज अपने नाम करते हुए सबके होश उड़ा दिए थे.
इस प्रदर्शन के बाद से ही गंभीर कई आलोचकों के निशाने पर हैं और टीम इंडिया की कोचिंग में बदलाव की मांग कर रहे हैं. खास तौर पर टेस्ट और वनडे-टी20 में अलग-अलग कोच नियुक्त करने का सुझाव दिया जा रहा है. एक यूट्यूब इंटरव्यू में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और दिल्ली के सेलेक्टर अतुल वासन ने कहा है कि गंभीर की जवादेही तय होनी चाहिए. वासन ने कहा, “आलोचना होने पर गंभीर ज्यादा अच्छा करते हैं. वो जवाबदेह हैं क्योंकि आपने घर में इतनी बड़ी सीरीज गंवाई हैं. आपने कुछ टूर्नामेंट जीते हैं लेकिन आप जो न्यूजीलैंड से टेस्ट सीरीज हारे, वनडे सीरीज हारे, ये बड़ी-बड़ी बाते हैं जो पहले हुआ नहीं था. तो मतलब कुछ गड़बड़ तो है.”
गंभीर को लेकर BCCI ने अपना रुख साफ किया है कि वो 2027 वर्ल्ड कप तक कोच रहेंगे और उनकी जगह को कोई खतरा नहीं है. मगर वासन का मानना है कि उन्हें इस तरह की छूट नहीं मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि भविष्य में उन्हें ये छूट नहीं मिलनी चाहिए कि उन पर निकाले जाने के खतरा नहीं है. किसी तरह की कुछ तो जवाबदेही तय होनी ही चाहिए.”