निशिन। श्रीलंका ने शानदार हरफनमौला प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 63 रन से हराकर एशियाई खेल 2026 में पुरुष क्रिकेट का कांस्य पदक जीत लिया। इस जीत के साथ श्रीलंका के एशियाई खेलों के पदकों की संख्या तीन हो गई है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम पांच ओवर के अंदर 21 रन पर चार विकेट गंवा बैठी। बांग्लादेश के स्पिन गेंदबाजों ने पिच से मिल रही टर्न और उछाल का भरपूर फायदा उठाया और श्रीलंकाई बल्लेबाजी पर दबाव बना दिया।
इसके बाद सहान अराचिगे और अशेन बंडारा ने पारी को संभाला। हालांकि असली बदलाव थारिंदु रत्नायके के आने के बाद आया। रत्नायके ने महज 32 गेंदों पर सात चौकों और पांच छक्कों की मदद से 65 रन की तूफानी पारी खेली। उनके आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंका को 51 रन पर चार विकेट की मुश्किल स्थिति से उबारकर 20 ओवर में नौ विकेट पर 165 रन तक पहुंचाया।
अराचिगे ने 37 गेंदों पर 33 रन की संयमित पारी खेली। रत्नायके ने सिर्फ 26 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। श्रीलंका ने शुरुआती झटकों के बाद अंतिम 15 ओवर में 114 रन जोड़े।
166 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत भी बेहद खराब रही। नुवान तुषारा ने पहले ही ओवर में विकेट मेडन डालते हुए सैफ हसन को खाता खोले बिना आउट कर दिया। इसके बाद रत्नायके ने तंजीद हसन तमीम को पवेलियन भेजा, जबकि तुषारा ने सटीक यॉर्कर पर लिटन दास को भी शून्य पर आउट कर दिया।
चौथे ओवर की समाप्ति तक बांग्लादेश का स्कोर 18 रन पर चार विकेट हो गया। तौहीद हृदोय ने छह गेंदों पर 11 रन बनाकर कुछ प्रतिरोध की कोशिश की, लेकिन वह भी रत्नायके का शिकार बन गए।
इसके बाद विजयकांत वियास्कांत और वानुजा सहान ने स्पिन के जरिए बांग्लादेश की मुश्किलें और बढ़ा दीं। वियास्कांत ने लगातार दो गेंदों पर परवेज हुसैन इमोन और मेहदी हसन को आउट किया। वहीं सहान ने रिशाद हुसैन और यासिर अली को पवेलियन भेजा।
यासिर अली ने 16 गेंदों पर 21 और रिशाद हुसैन ने पांच गेंदों पर 10 रन बनाकर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन बांग्लादेश की पारी संभल नहीं सकी। नासुम अहमद ने 28 गेंदों पर 26 रन की सर्वाधिक पारी खेली, लेकिन 18वें ओवर में उनके आउट होते ही बांग्लादेश की पारी 17.3 ओवर में 102 रन पर सिमट गई।
श्रीलंका की ओर से नुवान तुषारा ने 18 रन देकर दो विकेट लिए। वानुजा सहान और विजयकांत वियास्कांत को भी दो-दो विकेट मिले। बल्ले से 65 रन बनाने के साथ गेंद से शुरुआती सफलता दिलाने वाले थारिंदु रत्नायके श्रीलंका की कांस्य पदक जीत के प्रमुख खिलाड़ियों में रहे।
इस कांस्य पदक के साथ श्रीलंका की एशियाई खेलों में पदकों की संख्या तीन हो गई है। इससे पहले रुमेश थरंगा पथिरागे ने पुरुष भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम ने रजत पदक हासिल किया था।
संक्षिप्त स्कोर: श्रीलंका 165/9, 20 ओवर (थारिंदु रत्नायके 65, सहान अराचिगे 33; मेहदी हसन 2/19, सैफ हसन 2/28) ने बांग्लादेश 102/10, 17.3 ओवर (नासुम अहमद 26; वानुजा सहान 2/17, थारिंदु रत्नायके 2/18, नुवान तुषारा 2/18) को 63 रन से हराया।