ईशान किशन टीम इंडिया के भरोसेमंद मैच विनर, बैटिंग कोच ने बताई वजह

भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले ईशान किशन को बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने मौजूदा टीम के अहम मैच विनरों में गिना है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची में होने वाले टी20 मुकाबले से पहले कोटक ने किशन के खेल में आए बदलाव को लेकर विस्तार से बात की।

उनके मुताबिक किशन अब सिर्फ तेज रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं रह गए हैं, बल्कि मुकाबले की परिस्थिति को समझकर अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार तय करने लगे हैं। कोटक ने बताया कि किशन के शुरुआती दौर के खेल और वर्तमान बल्लेबाजी में बड़ा अंतर दिखाई देता है। पहले उनकी पहचान ज्यादा आक्रामक अंदाज से थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने खेल में समझ और संतुलन जोड़ा है।

आक्रामक बल्लेबाज से समझदार मैच विनर तक का सफर

सितांशु कोटक ने ईशान किशन के करियर को करीब से देखने के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि युवा अवस्था में भी उनके भीतर बड़े शॉट खेलने और तेजी से मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता मौजूद थी। हालांकि अब उस आक्रामकता के साथ परिस्थितियों को पढ़ने की समझ भी जुड़ गई है। यही बदलाव उन्हें टीम के लिए ज्यादा उपयोगी बनाता है।

कोटक के मुताबिक किशन अब मैदान पर सिर्फ अपने स्वाभाविक खेल के भरोसे नहीं रहते। वह यह देखने की कोशिश करते हैं कि उस समय टीम को किस तरह की बल्लेबाजी चाहिए। अगर तेजी से रन बनाने की जरूरत हो तो वह उसी अंदाज में खेल सकते हैं और परिस्थिति मांग करे तो पारी को संभालने की क्षमता भी दिखा सकते हैं। यही वजह है कि कोचिंग स्टाफ उन्हें एक परिपक्व बल्लेबाज के रूप में देख रहा है।

हर मैदान को अपना घरेलू मैदान मानते हैं किशन

कोटक ने ईशान किशन के आत्मविश्वास और मानसिकता की भी चर्चा की। उनका कहना था कि किशन जिस भी मैदान पर उतरते हैं, वहां खुद को सहज रखने की कोशिश करते हैं। रांची उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वह झारखंड के घरेलू क्रिकेट से जुड़े रहे हैं और इस मैदान से उनका भावनात्मक जुड़ाव भी माना जाता है।

मूल रूप से पटना से आने वाले किशन ने घरेलू क्रिकेट में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया है। ऐसे में रांची में होने वाला मुकाबला उनके लिए परिचित माहौल में खेलने का अवसर होगा। कोटक ने उम्मीद जताई कि वह अपने घरेलू मैदान जैसे माहौल का फायदा उठाकर टीम के लिए प्रभावशाली पारी खेल सकते हैं।

पिच बदलेगी, लेकिन टीम का रवैया नहीं

रांची की पिच को लेकर पूछे गए सवाल पर कोटक ने संकेत दिया कि परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद भारतीय टीम अपने आक्रामक और निडर रवैये से पीछे हटने वाली नहीं है। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी के लिए अच्छी सतह मिलने की संभावना रहती है और टीम उसी सोच के साथ मैदान पर उतरना चाहती है।

कोटक ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम प्लेइंग इलेवन को लेकर फैसला मुकाबले से पहले किया जाएगा। टीम के पास 15 खिलाड़ियों का विकल्प है और इनमें से किसी को भी अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। ऐसे में किशन के प्रदर्शन पर भी सबकी नजर रहेगी, क्योंकि कोचिंग स्टाफ ने उनकी मैच बदलने की क्षमता पर खुलकर भरोसा जताया है।

ईशान किशन के लिए यह मुकाबला केवल घरेलू परिस्थितियों में खेलने का मौका नहीं है, बल्कि उस बदले हुए बल्लेबाज को साबित करने का अवसर भी है, जिसकी तारीफ भारतीय टीम के बैटिंग कोच कर रहे हैं। कोटक के बयान से साफ है कि टीम प्रबंधन किशन की आक्रामक क्षमता के साथ उनकी बढ़ी हुई समझ को भी उतनी ही अहमियत दे रहा है।

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