T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने भले ही लगातार 4 जीत हासिल करके सुपर-8 में जगह बनाई है, लेकिन टीम की एक बड़ी कमजोरी भी सबसे सामने आ गई है. ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और नामीबिया ने एक जैसी चाल चली, जिसमें टीम इंडिया लगातार फंसती हुई नजर आई. ये कुछ ऐसा ही जैसा 1992 के वनडे वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान मार्टिन ने किया था. तब भी भारतीय टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा था.
34 साल पुरानी चाल में फंसी टीम इंडिया
दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया की बल्लेबाजी में ऑफ स्पिन के खिलाफ कमजोरी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है. मैच की शुरुआत में ही ऑफ स्पिनर्स का इस्तेमाल करके विरोधी टीमें भारत के मजबूत टॉप ऑर्डर को रोकने में सफल रहीं. बता दें, न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान थे मार्टिन क्रो ने 1992 के वनडे वर्ल्ड कप में इसी रणनीति का इस्तेमाल किया था और इस सरप्राइज टैक्टिक ने डिफेंडिंग चैंपियन और को-होस्ट ऑस्ट्रेलिया को चौंका दिया था. भारत के खिलाफ भी न्यूजीलैंड ने ऑफ स्पिनर से मुकाबले की शुरुआत में गेंदबाजी करवाई थी.
अब 2026 टी20 वर्ल्ड कप में भी कई टीमें इसी तरह की रणनीति अपना रही हैं. कप्तान शुरुआत में ही ऑफ स्पिनरों को इस्तेमाल कर रहे हैं. ये गेंदबाज भारत के टॉप ऑर्डर को बांधकर रखने में भी कामयाब रहे हैं. ग्रुप स्टेज के चार मैचों में ऑफ स्पिनरों ने भारत के 31 विकेटों में से लगभग एक तिहाई यानी 11 विकेट चटकाए हैं. जो भारत की कमजोरी को साफ दिखाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह भारत की बल्लेबाजी लाइनअप भी है, जिसमें ज्यादातर लेफ्ट हैंडर बल्लेबाज हैं. ओपनर ईशान किशन और अभिषेक शर्मा दोनों लेफ्ट हैंडर हैं, जो इस रणनीति को और कारगर साबित कर रहा है.
इन टीमों ने उठाया फायदा
ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान की टीम ने भारत के खिलाफ ऑफ स्पिनर के साथ मैच की शुरुआत की थी. कप्तान सलमान आगा ने खुद पहला ओवर फेंका था और वह अभिषेक शर्मा का विकेट हासिल करने में कामयाब रहे थे. नीदरलैंड ने भी पहला ओवर आर्यन दत्त से करवाया था और उन्होंने भी अभिषेक शर्मा को अपना शिकार बनाया था. फिर ईशान किशन को भी पवेलियन भेज दिया था. नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने भी अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी में टीम इंडिया को फंसा लिया था और 4 विकेट हासिल किए थे.
सुपर-8 में भी फायदा उठाएंगी टीमें?
सुपर-8 में अब साउथ अफ्रीका (एडेन मार्कराम, ट्रिस्टन स्टब्स), जिम्बाब्वे (सिकंदर रजा, ब्रायन बेनेट) और वेस्ट इंडीज (रोस्टन चेस) जैसे ऑफ स्पिनर भारत के सामने होंगे. जो टीम इंडिया के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएसचेट ने भी कोलंबो की स्लो पिचों और अहमदाबाद के बड़े बाउंड्रीज का जिक्र किया है, जहां फिंगर स्पिन का असर ज्यादा होगा. ऐसे में टीम इंडिया के लिए ये एक बड़ी चुनौती साबित होने वाली है.
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