किसी क्रिकेटर की असली परीक्षा हमेशा मैदान पर नहीं होती। कभी-कभी निजी जिंदगी की उथल-पुथल भी उसके करियर की दिशा बदलने लगती है। बंगाल के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल के लिए पिछला कुछ समय ऐसा ही रहा।
अब रणजी ट्रॉफी में बल्ले से दम दिखाने के बाद उन्होंने अपने कठिन दौर और क्रिकेट में आगे बढ़ने के इरादे पर खुलकर बात की है।
दिल्ली के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में बंगाल के लिए 149 रन की पारी खेलने के बाद पोरेल भावुक हो गए थे। मैदान पर उनकी आंखों से निकले आंसुओं ने सबका ध्यान खींचा। यह सिर्फ एक बड़ी पारी का जश्न नहीं लग रहा था, बल्कि उस दबाव से निकलने का पल भी था, जिसका सामना वह पिछले कुछ समय से कर रहे थे।
इसके बाद स्पोर्ट्स तक को दिए इंटरव्यू में पोरेल ने अपने मुश्किल दौर पर बात की। उन्होंने निजी विवाद की विस्तार से चर्चा करने से परहेज किया, लेकिन माना कि उस समय से गुजरना आसान नहीं था। उनके मुताबिक इस अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत होने में मदद की।
इंटरव्यू में पोरेल ने जेल में बिताए समय के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वहां लोगों ने उनका ख्याल रखा और उन्हें अलग रखा गया था। उनकी जरूरतों का ध्यान रखा गया। पोरेल के मुताबिक उस दौर में हर दिन और हर मिनट गुजारना धैर्य की परीक्षा जैसा था लेकिन उन्होंने इस अनुभव से सीखने की कोशिश की।
दिल्ली कैपिटल्स के कोच सौरव गांगुली ने पोरेल को घरेलू सीजन और रणजी ट्रॉफी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उनका लक्ष्य घरेलू क्रिकेट में ज्यादा से ज्यादा रन बनाना और आईपीएल में अपनी टीम को जीत दिलाने में मदद करना है। पोरेल के लिए आगे का रास्ता अब उनके प्रदर्शन से तय होगा। उन्होंने खुद भी यह माना है कि अब पूरी मेहनत क्रिकेट पर ही करनी है।