अजीत अगरकर का चयनकर्ता कार्यकाल: बदलाव और नई संभावनाएं

जीत अगरकर का भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता के रूप में लगभग तीन साल का कार्यकाल अब समाप्ति के करीब है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अगरकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को सूचित किया है कि वह 4 अक्टूबर को अपने कार्यकाल के समाप्त होने के बाद पद छोड़ना चाहते हैं।

हालांकि, बोर्ड ने अभी तक उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उनके कार्यकाल के दौरान, भारत ने वनडे वर्ल्ड कप 2023 का फाइनल खेला, 2014 और 2016 में टी20 वर्ल्ड कप जीते और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भी अपने नाम की।

चयन प्रक्रिया में बदलाव

अगरकर के कार्यकाल को केवल ट्रॉफियों के संदर्भ में देखना चयन प्रक्रिया की संपूर्ण तस्वीर को नहीं दर्शाता। इस दौरान कई खिलाड़ियों के करियर में महत्वपूर्ण बदलाव आए। कुछ खिलाड़ियों को लगातार अवसर मिले और वे टीम के महत्वपूर्ण सदस्य बन गए, जबकि कुछ पुराने खिलाड़ियों को धीरे-धीरे टीम से बाहर होना पड़ा। खिलाड़ियों के प्रदर्शन, टीम में स्थान, ICC टूर्नामेंट में विश्वास और सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इंडिया करियर वैल्यू इंडेक्स (ICVI) के माध्यम से इन परिवर्तनों को समझा जा सकता है।

बड़े नामों का बाहर होना

मोहम्मद शमी के करियर में इस दौरान सबसे बड़ा उतार देखने को मिला। वनडे वर्ल्ड कप 2023 में उन्होंने 7 मैचों में 24 विकेट लिए और टूर्नामेंट के सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी उन्होंने 5 मैचों में 9 विकेट लिए। इसके बावजूद, मार्च 2025 के बाद से वह भारत के लिए नहीं खेले हैं। 2025-26 घरेलू सीजन में 22 मैचों में 69 विकेट लेने के बावजूद शमी को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला है। उनका ICVI 98 से घटकर शून्य हो गया है।

नए चेहरों का उभार

अभिषेक शर्मा ने अगरकर के कार्यकाल में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। जब अगरकर ने पद संभाला था, तब अभिषेक ने टीम इंडिया के लिए डेब्यू नहीं किया था। जुलाई 2024 में डेब्यू के बाद उन्होंने 59 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 1,858 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 194.55 है और उन्होंने तीन शतक भी लगाए हैं। उनका ICVI अब 93 है।

वरुण चक्रवर्ती की भी शानदार वापसी हुई। वह लगभग 1,066 दिन तक भारतीय टीम से बाहर रहे थे। अक्टूबर 2024 में वापसी के बाद उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में तीन मैचों में नौ विकेट लिए। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी वह सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे। उनका ICVI जीरो से बढ़कर 93 हो गया।

नई संभावनाओं की कहानी

अगरकर का कार्यकाल इस दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण रहा कि इस दौरान नए खिलाड़ियों को अवसर मिला और कई पुराने खिलाड़ियों की स्थिति में बदलाव आया। इससे भारतीय क्रिकेट के चयन ढांचे में आए परिवर्तनों की स्पष्ट तस्वीर सामने आती है।

संजू सैमसन ने भी लंबे समय बाद 2024 में टीम इंडिया में वापसी की। उन्होंने 2024 में तीन टी20 इंटरनेशनल शतक लगाए और टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पांच पारियों में 321 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता।

ईशान किशन पहले टीम की योजनाओं से बाहर हो गए थे और उनका सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी चला गया था। बाद में उन्होंने शानदार वापसी की और 2026 में टीम इंडिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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