एमएस धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया ने आज ही के दिन 19 साल पहले टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। 2007 में टी20 वर्ल्ड कप का पहला एडिशन साउथ अफ्रीका में खेला गया था।
उसी साल वनडे वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया बांग्लादेश से हारकर बाहर हुई थी। ऐसे में युवा खिलाड़ियों से सजी टीम इंडिया को टी20 वर्ल्ड कप खेलने भेजा गया था और इस टीम की अगुवाई धोनी कर रहे थे। किसी को उम्मीद नहीं थी कि भारत यह वर्ल्ड कप जीतेगा, मगर फाइनल में पाकिस्तान को हराकर टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया। इस दौरान रोहित शर्मा ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो पिछले 19 साल से अमर है।
यह रिकॉर्ड है बतौर सबसे युवा भारतीय के रूप में आईसीसी ट्रॉफी जीतने का। रोहित शर्मा ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब 20 साल 147 दिन की उम्र में जीता था। बता दें, रोहित शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप 2007 में ही अपना डेब्यू किया था।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने पहले ही मैच में हिटमैन ने 40 गेंदों पर 50 रनों की पारी खेली थी, यह भारत के लिए करो या मरो मुकाबला था।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 5 गेंदों पर नाबाद 8 रन बनाए थे, वहीं फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 16 गेंदों पर नाबाद 30 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी।
इस लिस्ट में विराट कोहली का नाम भी है, जिन्होंने 2011 वर्ल्ड कप का खिताब 22 साल 148 दिन की उम्र में जीता था, मगर वह लिस्ट में चौथे पायदान पर हैं।
ICC ट्रॉफी जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय
बेहद रोमांचक था IND vs PAK फाइनल
पहले बैटिंग करते हुए टीम इंडिया ने गौतम गंभीर की 75 रनों की पारी के दम पर पाकिस्तान के सामने 158 रनों का टारगेट रखा था। रोहित शर्मा अगर अंत में फिनिशिंग टच ना देते तो भारतीय टीम का हाल काफी बुरा हो सकता था।
इस टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने 77 रन पर 6 विकेट खो दिए थे। तब ऐसा लगने लगा था भारत आसानी से मैच जीत जाएगा, हलांकि ऐसा नहीं हुआ। मिस्बाह उल हक भारत की जीत के बीच आ गए। 38 गेंदों पर 43 रनों की शानदार पारी खेली।
हरभजन सिंह के 17वें ओवर में तीन छक्कों की मदद से 19 तो 18वें ओवर में 15 रन बटौरकर पाकिस्तान ने वापसी कर ली थी। 19वें ओवर में भज्जी ने 7 रन देकर मैच को रोमांचक बना दिया था।
आखिरी ओवर के लिए माही ने जोगिंदर शर्मा को चुना, जब 6 गेंदों पर 13 ही रन चाहिए थे। पहली गेंद उन्होंने वाइड डाली, जिसके बाद धोनी ने उन्हें समझाया। अगली गेंद पर मिस्बाह बीट हुए, हालांकि फिर उन्होंने छक्का भी लगाया। मिस्बाह इसके बाद स्कूप शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए। श्रीसंत का वो कैच तो आज भी हर किसी को याद होगा।