मोहम्मद शमी की वापसी पर सौरव गांगुली का बड़ा बयान, बोले- उम्र बढ़ने पर ऐसा होता है.

मोहम्मद शमी भले ही लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हों, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर अपनी वापसी की उम्मीद बनाए हुए हैं. अनुभवी तेज गेंदबाज ने 2023 वनडे विश्व कप के बाद टखने की चोट के कारण सर्जरी कराई थी.

इसके बाद उन्होंने सफल वापसी की और 2025 की शुरुआत में इंटरनेशनल क्रिकेट में लौटे. चैंपियंस ट्रॉफी में भी उन्होंने भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई, लेकिन इसके बाद वह टीम से बाहर हो गए.

शमी की फिटनेस इस समय सेलेक्टर्स के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. 36 साल के इस तेज गेंदबाज ने भारत के लिए तीन साल से ज्यादा समय से टेस्ट मैच नहीं खेला है. हालांकि, उन्होंने घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखा है और बंगाल के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में नजर आए हैं. हाल ही में दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की तरफ से खेलते हुए शमी ने तीन मैचों में सात विकेट लिए और टीम को खिताब जीतने में मदद की.

घरेलू क्रिकेट में शमी का प्रदर्शन देखकर खुश हैं गांगुली
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष और भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली शमी के लगातार घरेलू क्रिकेट खेलने से काफी खुश हैं. उन्होंने अनुभवी गेंदबाज की मेहनत और प्रदर्शन की तारीफ की; “शमी के लिए मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि वह लगातार घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्हें ऐसा करते देखना शानदार है. उन्होंने बहुत कुछ हासिल किया है.” हालांकि, गांगुली ने 2027 वनडे विश्व कप में शमी के खेलने को लेकर कोई भविष्यवाणी करने से इनकार कर दिया.

क्या सेलेक्टर्स शमी को नजरअंदाज कर रहे हैं?
जब गांगुली से पूछा गया कि क्या सेलेक्टर्स शमी को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया. उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ खिलाड़ियों के साथ ऐसा होता है और वापसी का रास्ता प्रदर्शन से बनाया जा सकता है; “शमी को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है. उन्होंने बहुत क्रिकेट खेला है. वह एक शानदार चैंपियन हैं. लेकिन जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, ऐसा होता है. जब मुझे 10 हजार रन बनाने के बाद एक साल के लिए विश्व कप वनडे टीम से बाहर किया गया था, तब मैंने वापसी का रास्ता बनाया था. ऐसा हर खिलाड़ी के साथ होता है.”

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