नई दिल्ली । इंग्लैंड(England) के खिलाफ टेस्ट सीरीज(Test series) में लगातार खराब प्रदर्शन (poor performances)के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम(Pakistan cricket team) में बड़ा भूचाल आ गया है।
लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद टीम प्रबंधन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ऐसे फैसले लिए हैं जिनकी चर्चा क्रिकेट जगत में तेजी से हो रही है। सीरीज के बीच पाकिस्तान ने एक साथ 7 खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया है जबकि कोचिंग स्टाफ में भी बड़े बदलाव की खबरों ने टीम के भीतर चल रही उथल पुथल को और बढ़ा दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान की टीम इस समय 0-2 से पीछे चल रही है और तीसरे तथा अंतिम टेस्ट से पहले टीम की तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ रही है।
पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका यह है कि जिन खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया गया है उनमें कई अनुभवी नाम शामिल हैं। सलमान अली आगा को भी रिलीज कर दिया गया है जो बाबर आजम की अनुपस्थिति में पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान टीम की कप्तानी कर चुके थे। पहले टेस्ट में कप्तानी करने के बाद उन्हें दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया और अब तीसरे टेस्ट से पहले उन्हें वापस घर भेज दिया गया है। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और ओपनर इमाम उल हक पर भी गाज गिरी है। इनके अलावा अली उस्मान आमिर जमाल मुहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद को भी टीम से रिलीज कर दिया गया है।
इन सात खिलाड़ियों की जगह नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है लेकिन यहां भी पाकिस्तान टीम के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नए खिलाड़ियों में से पांच ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है। ऐसे में सीरीज के निर्णायक और अंतिम मुकाबले से पहले अनुभव और संतुलन दोनों ही पाकिस्तान के लिए बड़ी चिंता बन गए हैं। टीम पहले ही इंग्लैंड के खिलाफ दो मैच गंवा चुकी है और अब नए खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरने का फैसला कप्तान बाबर आजम के लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं होगा।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम में मची इस उथल पुथल पर क्रिकेट विशेषज्ञ भी हैरान हैं। वरिष्ठ कमेंटेटर हर्षा भोगले ने पाकिस्तान क्रिकेट में हो रहे लगातार बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीम की स्थिति को असामान्य बताया। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि पहले टेस्ट में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया और फिर तीसरे टेस्ट से पहले उसे टीम से रिलीज कर दिया गया। इसके साथ ही कोचिंग स्टाफ में बदलाव और वरिष्ठ खिलाड़ियों के अचानक बाहर होने से टीम के भीतर की परिस्थितियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी कप्तान बाबर आजम के कंधों पर आ गई है। एक तरफ पाकिस्तान टीम सीरीज में 0-2 से पीछे है तो दूसरी तरफ ड्रेसिंग रूम में लगातार बदलाव खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और टीम संयोजन को प्रभावित कर सकते हैं। बाबर को न सिर्फ नए खिलाड़ियों के साथ मजबूत प्लेइंग इलेवन तैयार करनी होगी बल्कि टीम के भीतर स्थिरता भी कायम करनी होगी। कप्तान के तौर पर उन्हें खिलाड़ियों को एकजुट रखने के साथ अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर भी ध्यान देना होगा क्योंकि इंग्लैंड दौरे पर उनका बल्ला भी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं चला है।
तीसरा टेस्ट पाकिस्तान के लिए केवल एक मैच नहीं बल्कि सम्मान बचाने की लड़ाई बन गया है। सात खिलाड़ियों की छुट्टी और नए चेहरों की एंट्री के बाद सबकी नजर बाबर आजम की रणनीति पर होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान इस बड़े फेरबदल को अपनी कमजोरी बनने देता है या फिर नए खिलाड़ियों के जोश के दम पर इंग्लैंड के खिलाफ वापसी कर सीरीज का अंत सम्मानजनक तरीके से करता है।