2026 एशियन गेम्स में शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट इवेंट का फाइनल मैच खेला गया. भारत ने 19 रनों से यह मैच जीता. गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को इग्नोर किया और उनसे हाथ नहीं मिलाया.
इस मुकाबले में भारत ने पहले खेलने के बाद 211 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. जवाब में पाकिस्तान एक समय मैच में आया था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर टीम इंडिया की जीत सुनिश्चित की. फाइनल मैच देखने के लिए टोक्यो और जापान के अन्य हिस्सों में रह रहे भारतीय फैंस भारी मात्रा में स्टेडियम पहुंचे.
भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता. मैच से पहले टॉस मैदान के एक कोने में कराया गया, जबकि टेलीविजन कैमरा दल पिच के पास मौजूद था. मैच के बाद का घटनाक्रम भी कुछ ऐसा ही रहा. जीत के बाद भारतीय खिलाड़ी जब अपने ड्रेसिंग रूम की ओर बढ़े तो उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के पास जाने की कोशिश नहीं की.
पाकिस्तान की टीम अपने ड्रेसिंग रूम से बाहर आई, अंपायरों से हाथ मिलाया और भारतीय खिलाड़ियों से बिना किसी बातचीत के वापस लौट गई. हाथ मिलाने को छोड़ दे तो मैच खेल भावना के साथ खेला गया. पदक समारोह भी बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ और आयोजकों ने पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखा.
आइची-नागोया एशियाई खेल आयोजन समिति (एआईएनएजीओसी) के एक सीनियर अधिकारी ने पाकिस्तान की टीम को सिल्वर मेडल दिए, जबकि आईसीसी के अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व सचिव जय शाह ने कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को गोल्ड मेडल दिए.
तीनों पदक विजेता टीमों के सामूहिक फोटो के दौरान ही एकमात्र असहज स्थिति बनी. भारत को बीच में खड़ा होना था जबकि पाकिस्तान को उसकी बाईं ओर और कांस्य पदक विजेता श्रीलंका को दाईं ओर खड़ा होना था. पाकिस्तानी खिलाड़ी इस बात को लेकर असमंजस में दिखे कि उन्हें कहां खड़ा होना है और पदक समारोह के बाद पोडियम से नीचे उतर गए. श्रीलंका के खिलाड़ी भी उनके पीछे उतर गए. इसके बाद दोनों टीमें भारतीय खिलाड़ियों के साथ फोटो के लिए एकत्र हुईं. एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी की अनुपस्थिति से भी संभवतः एक असहज स्थिति टल गई. नकवी ने पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं का हवाला देते हुए फाइनल में शामिल नहीं होने की बात कही थी.