भारत 32 रन पर रुका, जापान जीत के बेहद करीब; फिर अंपायर के एक फैसले ने पलट दिया मैच

कांटो स्थित सानो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर खेले गए एक बेहद रोमांचक और सांसें थाम देने वाले मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम किसी तरह अप्रत्याशित हार का शिकार होने से बच गई। बारिश और गीले आउटफील्ड के चलते घंटों के विलंब के बाद अंपायरों ने मुकाबले को 5-5 ओवर का करने का फैसला किया।

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का जोखिम भरा फैसला लिया, जो क्रिकेट इतिहास में किसी पूर्ण सदस्य देश के कप्तान द्वारा 5 ओवर के मैच में पहली बार लिया गया था। हालांकि, जापान के गेंदबाजों और पिच की खतरनाक टर्न ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी और मेहमान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया।

32 रनों पर सिमटा भारतीय शीर्ष क्रम, अभिषेक शर्मा गोल्डन डक का शिकार

मैच की शुरुआत से ही पिच पर असामान्य घुमाव देखने को मिला। पहली ही गेंद पर विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन गेंद की हरकत देखकर हैरान रह गए। सैमसन ने चौथी गेंद पर चौका और पांचवीं पर सिंगल लेकर खाता खोला, लेकिन स्ट्राइक पर आते ही बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में गोल्डन डक पर आउट हो गए। इसके दो गेंद बाद सैमसन भी महज 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने एक छोर संभालते हुए 16 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें सहयोग नहीं मिला। ईशान किशन केवल 3 रन ही बना सके। जापान के गेंदबाज चार्ली हारा-हिंजे ने घातक गेंदबाजी करते हुए अभिषेक और श्रेयस के दो बड़े विकेट चटकाए, जिससे भारत 5 ओवर में केवल 32 रन ही जोड़ सका।

33 रनों के बचाव में स्पिनरों की कसी गेंदबाजी, बिश्नोई के ओवर से पलटा पासा

छोटा लक्ष्य होने के कारण मेजबान जापानी टीम शुरू से ही मैच पर हावी नजर आ रही थी। अक्षर पटेल ने पहले ओवर में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 2 रन दिए। दूसरे ओवर में वॉशिंगटन सुंदर ने जापानी बल्लेबाज इब्राहिम ताकाहाशी को आउट कर दबाव बनाया। हालांकि, तीसरे ओवर में लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने 10 रन लुटा दिए, जिससे जापान की टीम जीत के बेहद करीब पहुंच गई। आखिरी दो ओवरों में जापान को जीत के लिए केवल 15 रनों की दरकार थी।

सुंदर ने चटकाया जापानी कप्तान का विकेट, आखिरी ओवर में जबरदस्त ड्रामा

चौथे ओवर में गेंदबाजी करने लौटे वॉशिंगटन सुंदर ने जापान के कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग को 12 रन के निजी स्कोर पर आउट कर मैच को रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया। जापान को अंतिम 6 गेंदों पर जीत के लिए 8 रनों की जरूरत थी और गेंद अक्षर पटेल के हाथों में थी। अक्षर ने शुरुआती दो गेंदों में केवल एक रन दिया, लेकिन इसके बाद दबाव में उन्होंने लगातार दो वाइड गेंदें फेंक दीं। दूसरी वाइड गेंद के फैसले पर अक्षर और कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैदानी अंपायर से तीखी बहस की और गेंद के सही होने का दावा किया। अंपायरों ने आपस में गहन मंत्रणा के बाद फैसला पलट दिया, जिससे भारत को बड़ी राहत मिली। जापान की टीम अंतिम तीन गेंदों पर केवल तीन रन ही बना सकी और भारत ने यह मुकाबला महज 2 रनों के मामूली अंतर से जीत लिया।

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