गद्दाफी स्टेडियम में शनिवार को खेले गए फाइनल में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 325 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। कामिंदु मेंडिस ने 131 रन बनाकर पाकिस्तानी गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती रखी, जबकि पवन रथनायके ने भी 77 रन की उपयोगी पारी खेली।
इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही और शुरुआती दो बल्लेबाज सस्ते में लौट गए। इसके बाद फखर जमान और साद बेग ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 149 रन जोड़ दिए। फखर ने शतक पूरा कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा।
हालांकि उनके आउट होने के बाद पाकिस्तान की मुश्किलें फिर बढ़ीं और 230 रन तक पहुंचते-पहुंचते पांच विकेट गिर गए। ऐसे समय में अराफत मिन्हास और हसन नवाज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया। दोनों की साझेदारी ने श्रीलंका की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और पाकिस्तान ने 48.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
शुरुआती झटकों के बाद फखर और साद ने संभाली पारी
326 रन के लक्ष्य के सामने पाकिस्तान को मजबूत शुरुआत की जरूरत थी, लेकिन माज सदाकत केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए। इसके तुरंत बाद बाबर आजम भी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। शुरुआती दो विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई थी। ऐसे हालात में फखर जमान और साद बेग ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का अच्छा तालमेल दिखाया। तीसरे विकेट के लिए 149 रन की साझेदारी ने पाकिस्तान को मुकाबले में वापस ला खड़ा किया। साद बेग ने 75 गेंदों पर 74 रन बनाए, जिसमें 11 चौके शामिल रहे। उनकी पारी ने बड़े लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीद मजबूत की।
फखर जमान ने शतक से श्रीलंकाई गेंदबाजी को दी चुनौती
साद बेग के आउट होने के बाद फखर को सलमान आगा का साथ मिला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 57 रन जोड़े। इस दौरान फखर ने लगातार रन बनाते हुए अपना शतक पूरा किया और पाकिस्तान की जीत की संभावनाएं कायम रखीं। फखर जमान ने 127 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दौरान 11 चौके और छह छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने श्रीलंका के 325 रन के स्कोर को चुनौतीपूर्ण तो बनाए रखा, लेकिन पाकिस्तान को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। फखर के आउट होने के बाद मुकाबला फिर रोमांचक स्थिति में पहुंच गया।
अराफत मिन्हास और हसन नवाज ने खत्म किया मुकाबला
230 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवाने के बाद पाकिस्तान को आखिरी ओवरों में तेज रन बनाने की जरूरत थी। अराफत मिन्हास और हसन नवाज ने इसी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 65 गेंदों पर 94 रन की अटूट साझेदारी कर श्रीलंका को वापसी का मौका नहीं दिया।
अराफत ने महज 31 गेंदों में 61 रन ठोक दिए। उनकी पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल थे। दूसरी तरफ हसन नवाज ने 37 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। पाकिस्तान ने 48.3 ओवर में 326 रन बनाकर मुकाबला पांच विकेट से जीत लिया।
मेंडिस का शतक और रथनायके की पारी भी नहीं बचा सकी श्रीलंका
इससे पहले श्रीलंका ने टॉस हारकर बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 325 रन बनाए थे। कामिंदु मेंडिस ने 128 गेंदों पर 131 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने पारी को मजबूती दी और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। पवन रथनायके ने भी 65 गेंदों पर 77 रन बनाकर श्रीलंका की रन गति को बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन से श्रीलंका ने पाकिस्तान के सामने मजबूत लक्ष्य रखा था, लेकिन मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने दबाव में शानदार जवाब दिया।
इस जीत के साथ पाकिस्तान ने फाइनल अपने नाम कर ट्राई सीरीज की ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। श्रीलंका के लिए मेंडिस का शतक यादगार रहा, लेकिन फखर की बड़ी पारी और अराफत के विस्फोटक अंदाज ने खिताबी मुकाबले का नतीजा पाकिस्तान के पक्ष में कर दिया।