पूनम राउत ने गुरुवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उनके एक दशक से अधिक लंबे करियर का समापन हो गया। दाएं हाथ की बल्लेबाज राउत ने 2009 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था।
उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी मैच 2021 में खेला था। राउत ने 73 वनडे मैचों में 2299 रन, 35 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 719 रन और भारत के लिए खेले गए चार टेस्ट मैचों में 264 रन बनाए। उन्होंने कुल चार अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए, जिसमें तीन वनडे में और एक 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में आया। इसके अलावा, उन्होंने वनडे में 15 और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार अर्धशतक भी जड़े। उनकी पांच साल से ज्यादा समय से भारतीय टीम में अनदेखी हो रही थी। उन्होंने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जून 2021 में इंग्लैंड के विरुद्ध खेला, जो वनडे था।
इसके लिए पूनम की काफी तारीफ हुई थी
राउत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 2017 महिला विश्व कप के दौरान देखने को मिला, जहां उन्होंने कुल 381 रन बनाए। इसमें लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में खेली गई 86 रनों की पारी भी शामिल थी, हालांकि उस मैच में भारत को नौ रनों से हार का सामना करना पड़ा था। उसी टूर्नामेंट में, उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 109 रन बनाए और दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर 320 रनों की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी की। वह 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के ऐतिहासिक पिंक-बॉल टेस्ट का हिस्सा थीं। उन्होंने पहली पारी में 36 रन बनाए। इस मैच में, अंपायर द्वारा ‘नॉट आउट’ दिए जाने के बावजूद, गेंद बल्ले के किनारे से लगने पर उन्होंने खुद ही मैदान से बाहर जाना स्वीकार किया, जिसके लिए उनकी काफी तारीफ हुई। 15 अक्तूबर को इंस्टाग्राम पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए राउत ने अपने सफर को याद किया। उन्होंने कहा, ”मुंबई की सड़कों से लेकर भारतीय जर्सी पहनने तक का यह सफर किसी वरदान से कम नहीं रहा। यह एक ऐसा सफर था जिसमें कई त्याग, संघर्ष, कभी न भूलने वाली जीतें, कड़े सबक और ऐसे पल शामिल रहे, जिन्हें मैं जीवन भर संजोकर रखूंगी।”
‘हो सकता है कि मेरे अंदर का खिलाड़ी…’
37 वर्षीय खिलाड़ी ने आगे कहा, ”भारत का प्रतिनिधित्व करना सिर्फ एक सपना पूरा होने जैसा नहीं था। यह एक ऐसा सौभाग्य था जिसे मैंने बहुत गर्व के साथ निभाया। अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के इस अध्याय को समाप्त करते समय, मेरा दिल उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता से भरा है जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया, मेरा साथ दिया और मेरे सफर का हिस्सा बने। क्रिकेट ने मुझे सिर्फ एक करियर ही नहीं दिया, बल्कि मुझे एक मकसद, एक पहचान और एक परिवार भी दिया।” इंटरनेशनल क्रिकेट के बाद के जीवन के बारे में बात करते हुए राउत ने कहा कि वह उस खेल को कुछ वापस देना चाहती हैं जिसने उनके जीवन को संवारा है। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मेरे अंदर का खिलाड़ी अब खेल से दूर हो जाए, लेकिन इस खेल के लिए मेरा प्यार कभी रिटायर नहीं होगा। मेरी अगली पारी उस खेल को कुछ वापस देने की है, जिसने मुझे सब कुछ दिया है।”