पाकिस्तान से अब कोई टक्कर नहीं बची, भारत के गोल्ड जीतने के बाद BCCI अध्यक्ष ने कहा – प्रेशर झेलना कोई हमसे सीखे

नागोया एशियन गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारतीय मेंस क्रिकेट टीम ने जापान के कोराकुएन स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

इस जीत के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल गोल्ड मेडलों की संख्या 21 पहुंच गई। हालांकि मैच में पाकिस्तान के हसन नवाज ने 96 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारतीय फैंस की धड़कनें बढ़ा दी थीं, लेकिन बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट के गिरते स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

प्रेशर सिचुएशन झेलना सिर्फ भारत को आता है

मैच के बाद बातचीत करते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा कि पाकिस्तान की टीम अब भारत को वैसी टक्कर नहीं दे पाती जैसी पहले देखने को मिलती थी। मन्हास ने कहा, ‘हमारी टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया, लेकिन मुझे लगता है कि पाकिस्तान की तरफ से अब कोई खास कॉम्पिटिशन नहीं बचा है। जिस तरह से हमारी टीम ने दबाव के पलों को संभाला… दुनिया की कोई भी टीम ऐसा नहीं कर सकती।’ उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में सबसे बेहतरीन टीम रही और उसने एक डिफेंडिंग चैंपियन की तरह प्रदर्शन करके दिखाया।

अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की तारीफों के बांधे पुल

पाकिस्तान के खिलाफ मिली इस स्वर्णिम जीत में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की आतिशी फिफ्टी का सबसे बड़ा योगदान रहा। मन्हास ने दोनों युवा बल्लेबाजों की जमकर तारीफ की। अभिषेक शर्मा की आक्रामक शुरुआत: मन्हास ने कहा कि ओपनर के तौर पर अभिषेक शर्मा (28 गेंदों में 61 रन) ने मैच का टोन सेट कर दिया था। मध्यक्रम में दबाव के बीच तिलक वर्मा (22 गेंदों में 51 रन) और शिवम दुबे (6वें विकेट के लिए 30 गेंदों में 62 रन) की आतिशी बैटिंग के दम पर भारत ने एशियन गेम्स का पहला 200 प्लस स्कोर (211/6) बनाया।

गेंदबाजों के एकजुट प्रदर्शन ने दिलाई जीत

212 रनों के विशाल लक्ष्य के जवाब में भले ही पाकिस्तान के हसन नवाज (51 गेंदों में 96 रन) ने भारतीय गेंदबाजों पर हमला बोला, लेकिन गेंदबाजों ने घबराने के बजाय सही समय पर वापसी की और पाकिस्तान को 192/6 (या 182/6) पर रोक दिया। अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर ने 2-2 विकेट चटकाए, जबकि जसप्रीत बुमराह ने भले ही विकेट न लिया हो, लेकिन दबाव के समय कसी हुई गेंदबाजी करके पाकिस्तान को जीत से दूर रखा। मन्हास ने कहा कि एक बड़ा स्कोर डिफेंड करने में सभी गेंदबाजों का योगदान काबिले तारीफ रहा।

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