पहले झटके 5 विकेट, फिर 10वें नंबर पर आकर टीम को बचाया, शतकवीर के साथ की हैरतअंगेज साझेदारी

भारत-वेस्टइंडीज के तीसरे वनडे मैच और एशियन गेम्स में भारत-पाकिस्तान के फाइनल के बीच शनिवार को ईरानी कप में भी कमाल का एक्शन देखने को मिला. रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू और कश्मीर और रेस्ट ऑफ इंडिया के बीच खेले जा रहे इस मुकाबले के तीसरे दिन गेंद और बल्ले की कड़ी टक्कर हुई. एक वक्त पर छोटे स्कोर पर आउट होती हुई नजर आ रही रेस्ट ऑफ इंडिया ने दिन का खेल दमदार अंदाज में खत्म किया, जिसमें रविचंद्रन स्मरण ने जुझारू शतक जमाकर अहम भूमिका निभाई लेकिन उनका उतना ही अच्छा साथ दिया मुकेश चौधरी ने.

शनिवार 3 अक्टूबर को इस मुकाबले का तीसरा दिन था. दिन की शुरुआत रेस्ट ऑफ इंडिया ने अपनी दूसरी पारी में 1 विकेट पर 24 रन के स्कोर से की. इस टीम के लिए परेशानी की बात ये थी कि दूसरी पारी में कप्तान ऋषभ पंत बीमार पड़ गए और इसके चलते अपने तय नंबर पर बैटिंग के लिए नहीं उतरे. फिर सनत सांगवान और सारांश जैन के बीच एक अच्छी साझेदारी होती नजर आई.

मगर जैसे ही 70 रन की ये पार्टनरशिप टूटी, रेस्ट ऑफ इंडिया की पारी लड़खड़ा गई और सिर्फ 131 रन तक ही टीम के 5 विकेट गिर गए. इसी वक्त पर स्मरण ने क्रीज पर आकर मोर्चा संभाला. मगर उनकी आंखों के सामने कुछ ही देर में 3 विकेट और गिर गए, जिसमें पंत भी शामिल थे, जो बुखार के बावजूद 8वें नंबर पर बैटिंग के लिए उतरे. रेस्ट ऑफ इंडिया जब 198 रन पर थी, तब 8 बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और बढ़त सिर्फ 157 रन की थी.

अब टीम के जल्दी आउट होने का खतरा नजर आ रहा था और यहीं पर स्मरण रविचंद्रन को मुकेश चौधरी का साथ मिला. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुकेश ने पहली पारी में जम्मू-कश्मीर के 5 विकेट लेकर उसे बड़े स्कोर से रोककर अपनी जिम्मेदारी निभाई थी. मगर इस बार उन्होंने बल्लेबाजी में भी पूरा जोर लगा दिया. मुकेश एक छोर से डटे रहे, जबकि दूसरी ओर से कर्नाटक के बल्लेबाज स्मरण रन बटोरते रहे.

देखते ही देखते स्मरण ने एक बेहतरीन शतक लगा दिया और रेस्ट ऑफ इंडिया को एक मुकाबले लायक स्कोर के करीब पहुंचा दिया. इस बीच दोनों के बीच शतकीय साझेदारी भी हो गई. स्मरण और मुकेश ने आखिरकार दिन का खेल खत्म होने तक अपना विकेट नहीं गंवाया और रेस्ट ऑफ इंडिया ने 8 विकेट खोकर 306 रन बनाते हुए 265 रन की बढ़त ले ली. मजेदार बात ये है कि स्मरण और मुकेश के बीच 109 रन की नाबाद साझेदारी हुई, जिसमें से मुकेश ने सिर्फ 9 रन बनाए लेकिन 47 गेंदें खेलकर उन्होंने अपनी टीम को मुसीबत से बाहर निकाला. वहीं स्मरण 126 रन बनाकर नाबाद लौटे.

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