स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल के दौरान बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना के एक फैसले की जमकर आलोचना हुई। इतना ही नहीं उस फैसले के चलते उनके खुद के बोर्ड ने भी उनसे दूसरी बना ली और उनकी कप्तानी की समीक्षा कर दी।
ये फैसला था टॉस के समय भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से हाथ ना मिलाने का। क्रिकेट परंपरा के अनुसार, टॉस के समय कप्तान आपस में हाथ मिलाते हैं। लेकिन उस मैच में निगार सुल्ताना ने ऐसा नहीं किया।
हालांकि, उस घटना के कुछ ही दिन बाद, 20 सितंबर को निगार सुल्ताना को यू-टर्न लेना पड़ा और हरमनप्रीत कौर से हाथ भी मिलाना पड़ा। मौका था, एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल का। टॉस के दौरान निगार सुल्ताना ने क्रिकेट की परंपरा निभाई। हरमनप्रीत के टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला करने के बाद एक-दूसरे से हाथ मिलाते हुए देखा गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। क्रिकेट फैंस ने कहा कि कप्तानी जाने के बाद अक्ल आ गई। वीडियो में दिख रहा है कि भारतीय कप्तान ने सुल्ताना की तरफ हाथ बढ़ाकर पहल की। इसके बाद सुल्ताना ने भी हाथ मिलाया और हरमनप्रीत को मैच के लिए बधाई दी।
BCB ने कर लिया था खुदको अलग
एशिया कप के दौरान सुल्ताना के फैसले की बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आलोचना की थी। एक बयान जारी कर दावा किया कि गवर्निंग बॉडी से कोई निर्देश नहीं था और कप्तान ने खुद ही फैसला लिया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जल्द ही टॉप जॉब से हटाया जा सकता है। हुआ भी ऐसा ही, एशियन गेम्स का सेमीफाइनल हारने के बाद सुल्ताना ने कप्तानी के पद से इस्तीफा दे दिया।
भारत ने दर्ज की एकतरफा जीत
मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने एकतरफा जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए शेफाली वर्मा के ऐतिहासिक शतक की बदौलत 195 रन का बड़ा स्कोर बनाया। शेफाली ने नाबाद 100 रन की पारी खेली। यह उनके क्रिकेट करियर का पहला और महिला एशियन गेम्स का पहला शतक रहा। लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की टीम 81 रन पर सिमट गई। नंदिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने तीन-तीन विकेट चटकाए। भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से मात देकर फाइनल में जगह पक्की की।