सौरव गांगुली या एमएस धोनी? सचिन तेंदुलकर से जब पूछा गया कि उन्हें किस खिलाड़ी की कप्तानी में खेलकर सबसे अच्छा लगा, इसपर सचिन का बयान वायरल हो रहा है. दरअसल मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म रेडिट पर ‘आस्क मई एनीथिंग’ सेशन किया.
इसमें उन्होंने सौरव गांगुली और एमएस धोनी, दोनों को अपना पसंदीदा कप्तान बताया. इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी टीम के मौजूद कप्तान टेम्बा बावुमा की भी जमकर सराहना की.
कौन है फेवरेट कप्तान?
तेंदुलकर से पूछा गया कि उन्हें किसकी कप्तानी में खेलकर सबसे अच्छा लगा. उन्होंने कहा, “मेरे पसंदीदा कप्तानों की बात करें तो सौरव गांगुली और एमएस धोनी मेरी लिस्ट के टॉप पर रहेंगे.”
हालांकि 15 साल पहले तेंदुलकर ने धोनी को गांगुली से भी ऊपर का दर्जा दिया था. 2011 में भारतीय टीम के वर्ल्ड चैंपियन बनने के कुछ दिन बाद ही सचिन तेंदुलकर का कहना था कि धोनी सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं, जिनके अंडर उन्हें खेलने का अवसर मिला.
गांगुली और धोनी की कप्तानी की तुलना करें तो ODI में धोनी का बतौर कप्तान जीत प्रतिशत 59.52 का रहा, जबकि गांगुली ने टीम इंडिया को अपनी कप्तानी में 53.9 प्रतिशत मैचों में जीत दिलाई थी. वहीं टेस्ट क्रिकेट में बतौर कप्तान गांगुली का जीत प्रतिशत धोनी से बेहतर रहा था.
BCCI पर कस दिया तंज
सचिन तेंदुलकर ने खुद 73 वनडे और 25 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी की थी. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ज्यादा अच्छा प्रदर्शन तो नहीं कर पाई, लेकिन वह BCCI पर तंज कसने से भी पीछे नहीं हटे. तेंदुलकर ने कहा कि 1990 के दशक में BCCI के भीतर प्रोफेशनलिजम की कमी हुआ करती थी.
तेंदुलकर ने कहा, “टीम इंडिया की कप्तानी मिलना एक गौरव का विषय रहा, लेकिन मुझे अपनी टीम चुनने की पूरी आजादी नहीं हुआ करती थी. 1990 के दशक की तुलना में BCCI के भीतर अब बहुत ज्यादा प्रोफेशनलिजम आ चुका है. उस समय भारतीय क्रिकेट एक बुरे दौर से भी गुजरा था.”