भारत ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीती। भारत ने तिरुवनंतपुरम में पहला वनडे 296 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आठ विकेट से अपने नाम किया। भारत ने गुवाहाटी में दूसरे मुकाबले में 406 रन का ऐतिहासिक टारगेट चेज किया और 8 विकेट से जीत दर्ज की।
तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने भारत को पांच विकेट से हार थमाई। वेस्टइंडीज ने न्यू चंडीगढ़ में 352 रनों का लक्ष्य हासिल किया और इतिहास रचा। वेस्टइंडीज ने पहली बार वनडे में 350 प्लस का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज किया। भारतीय गेंदबाजों के निराशजनक प्रदर्शन की हनुमा विहारी ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया पीछे जा रही क्योंकि 350 रनों का बचाव नहीं कर पाई। उन्होंने 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले बॉलिंग के पांचवें विकल्प की तलाश को भारत की सबसे बड़ी चिंता करार दिया।
‘ऐसा बहुत कम मौकों पर हुआ जब…’
भारतीय टीम से लंबे समय से बाहर चल रहे विहारी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में कहा, ”हम 350 का स्कोर डिफेंड नहीं कर सके। क्या यह खतरे की घंटे नहीं है? मुझे लगता है कि टीम पीछे जा रही है। यह एक बड़ा झटका है। ऐसा बहुत कम मौकों पर हुआ है जब भारतीय टीम 350 के स्कोर का बचाव करने में नाकामयाब रही। इस बॉलिंग अटैक पर निश्चित रूप से ध्यान देना चाहिए। भारतीय गेंदबाजों ने पिछले मैच में 405 रन लुटाए थे।” धाकड़ पेसर जसप्रीत बुमराह जापान में एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने के कारण वेस्टइंडीज सीरीज में नहीं खेली। स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अनफिट होने की वजह से आईपीएल 2026 के बाद से नहीं खेले।
‘यहीं पर बॉलिंग की पोल खुल गई है’
विहारी का मानना है कि बुमराह और हार्दिक की गैर मौजूदगी के कारण भारतीय गेंदबाजों की कलई खुल गई। उन्हें लगता है कि गेंदबाजी के पांचवां विकल्प बेहतर होना चाहिए। 32 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा, ”गुरनूर बराड़ ठीक-ठीक रहे। उन्हें कुछ फिटनेस की दिक्कतें हैं। नीतीश कुमार रेड्डी भी ठीक थे। मोहम्मद सिराज सिराज ठीक रहे, मैं यह नहीं कहूंगा कि वह वर्ल्ड क्लास थे। कुलदीप यादव भी थोड़ा खराब फॉर्म में दिखे। नमन धीर ने ठीक-ठाक बॉलिंग की लेकिन पांचवें बॉलिंग कोटे के साथ 350 रन डिफेंड करते हुए आपको एक बेहतर ऑप्शन की जरूरत होती है। यहीं पर बॉलिंग की पोल खुल गई है। यहीं पर उन्हें हार्दिक और बुमराह की सच में कमी खल रही है।” गुरनूर ने तीसरे वनडे में 64, कुलदीप ने 62 और सिराज ने 52 रन देकर एक-एक शिकार किया। नीतीश ने 50 रन खर्च किए मगर कोई सफलता नहीं मिला। अंशुल कम्बोज ने सबसे ज्यादा रन किए। उन्होंने 82 रन दिए और दो विकेट हासिल किए।
इन्हें फिर ट्राई करेगा भारतीय टीम मैनेजमेंट
विहारी की नजर में 2027 वनडे वर्ल्ड कप में एक साल का समय बाकी है और भारतीय टीम मैनेजमेंट द्वारा बॉलिंग अटैक में हल ढूंढना अच्छी स्थिति नहीं। उन्होंने कहा, ”बैकअप बॉलर भी रंग में नहीं थे। कंबोज ने बेहतर पेस से बॉलिंग की, जो देखकर अच्छा लगा। लेकिन अभी भी काफी कुछ करना बाकी है। मुझे लगता है कि प्रसिद्ध कृष्णा यहां से रेगुलर रहेंगे। वे अभी भी गुरनूर, कंबोज को ट्राई करेंगे। सिराज टीम में वापस आ रहे हैं। आकिब नबी और नीतीश को भी ट्राई किया गया है। वे कोई हल ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। वर्ल्ड कप से ठीक एक साल पहले यह कोई अच्छी स्थिति नहीं है।”